छत्तीसगढ़:तेंदुआ खाल तस्करी का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार…
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोचिंग टीम ने अंतरराज्यीय वन्यप्राणी तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तेंदुए की खाल के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामले में छत्तीसगढ़ के छुरा और ओडिशा के नुआपाड़ा जिले का कनेक्शन सामने आया है, जबकि दो आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोचिंग टीम को 5 मार्च को गोपनीय सूचना मिली थी कि रायपुर-देवभोग नेशनल हाईवे 130C मार्ग से तेंदुए की खाल की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर तौरेंगा वनोपज जांच नाका पर वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान रायपुर से देवभोग की ओर जा रही मारुति सुजुकी ईको (CG 04 PT 2966) की तलाशी लेने पर वाहन से तेंदुए की आधी खाल (बिना सिर और पंजे) बरामद हुई।
मौके पर ही वाहन को जब्त कर उसमें सवार जमरसाय (55 वर्ष), निवासी कटेलपारा, छुरा और चालक सूरज नेताम (21 वर्ष), निवासी कांटाखुसरी, छुरा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने तेंदुए की खाल की अवैध तस्करी करना स्वीकार किया।
आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर 7 मार्च को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद के समक्ष पेश किया गया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जिला जेल भेज दिया गया।
जांच के दौरान आरोपी जमरसाय की निशानदेही पर ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के धर्मबांधा थाना क्षेत्र के पंचमपुर निवासी मंगलू मांझी (60 वर्ष) को भी पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने जुलाई 2025 में बिजली के करंट से जंगली सूअर और तेंदुए जैसे वन्यप्राणियों के शिकार की बात स्वीकार की है।
वन विभाग के अनुसार, मामले में छुरा क्षेत्र के दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। वहीं उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोचिंग टीम टाइगर रिजर्व के आसपास 50 किलोमीटर के दायरे में विशेष सर्च अभियान भी चलाएगी।
यह पूरी कार्रवाई पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अरुण पांडेय, सीसीएफ वाइल्ड लाइफ सतोविशा समाजदार और उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन के मार्गदर्शन में की गई, जिसमें छत्तीसगढ़ पुलिस साइबर सेल और वन परिक्षेत्र उत्तर उदंती मैनपुर के वन अमले का विशेष सहयोग रहा।
