एक और ज्योति मौर्य जैसा केस; लेखपाल बनते ही बेवफा हुई पत्नी.. लव मैरिज के 2 साल बाद ही पति को छोड़ा.. बढ़ई पति ने दिनरात मेहनत कर ऋचा को कोचिंग की फीस भरकर करवाई थी सरकारी नौकरी की तैयारी
बढ़ई पति ने दिनरात मेहनत कर ऋचा को कोचिंग की फीस भरकर करवाई थी सरकारी नौकरी की तैयारी..
युपी के झांसी में भी एसडीएम ज्योति मौर्य जैसा मामला सामने आया है। जहां एक महिला लेखपाल बनने के बाद अपने पति ने नाता तोड़ दिया। यहां तक कि उससे बातचीत भी बंद कर दी। पति का आरोप है वह पेशे से कॉरपेंटर है।
यही बात उसकी बीवी को खल रही है और लव मैरिज के 2 साल बाद उसे छोड़ दिया है।
झांसी के कलेक्ट्रेट में बुधार को डीएम नवनियुक्त लेखपालों को नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। तभी सभागार के बाहर नीरज विश्वकर्मा अपनी बीवी ऋचा सोनी विश्वकर्मा को ढूंढते हुए वहां पहुंच गया। नीरज ने बताया कि 5 साल पहले एक दोस्त के माध्यम से उसकी मुलाकात ऋचा से हुई थी। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और 6 फरवरी 2022 को दोनों ने कोर्ट मैरिज कर लिया। नीरज ने आगे बताया कि शादी के बाद भी दोनों एक-दूसरे के बिना नहीं रह पाते थे। वह पेशे से बढ़ई है लेकिन उसने ऋचा को सरकारी नौकरी की तैयारी करवाई और कोचिंग की फीस भरी।
नीरज ने बताया कि जब 2022 में यूपी लेखपाल पद की भर्ती निकली तो उसने खुद ही बीवी का फॉर्म भरा था। साल 2023 में परीक्षा हुई और ऋचा ने इंतहान पास कर लिया। उसके परीक्षा पास करने से घर में खुशियों की लहर दौड़ पड़ी। सबकुछ ठीक चल रहा था। लेकिन जनवरी 2024 में ऋचा कॉलेज जाने की बात कहकर निकल गई। लेकिन वापस नहीं आई। जिसके बाद नीरज पत्नी की खोजबीन में जुट गया।
लेखपाल बनने के बाद बदले बीवी के तेवर
नीरज बीवी की तलाश करता हुआ ससुराल पहुंचा। जहां उसके न होने की बात कहकर सास-ससुर ने उसे वापस भेज दिया। इस पर नीरज ने पत्नी के लापता होने की जानकारी थाने में दी। जिस पर पुलिस ने ऋचा को कुछ घंटे में ही ढूंढ लिया। कोतवाली पहुंची ऋचा ने जो बताया उसे सुनकर नीरज के पैरों तले जमीन खिसक गई। ऋचा ने कहा कि वह लेखपाल बन गई है। जबकि पति कॉरपेंटर का काम करता है। ऐसे में दोनों का मेल नहीं है। नीरज का आरोप है कि लेखपाल बनने के बाद पत्नी ने उससे बातचीत बंद कर दी है। यहां तक कि उसका फोन भी नहीं उठाती है।
कलेक्ट्रेट भवन में बीवी का इंतजार करता रह गया नीरज
बुधवार को नीरज को जब पता चला कि उसकी बीवी ऋचा लेखपाल का प्रमाण पत्र लेनेव कलेट्रेट भवन पहुंची है तो वह उसकी तलाश में सभागार पहुंच गया। मुख्य गेट पर बीवी का इंतजार करता रह गया लेकिन ऋचा बैकडोर से चली गई।
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