केंद्र सरकार की तरफ से गरीबों को आवास का सहारा देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाती है। इस मदद के सहारे गरीब लोग अपने रहने के लिए आवास का निर्माण करते हैं। लेकिन पीएम आवास से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि यूपी के महाराजगंज जिले में लोगों के घर तो नहीं बने उल्टा उनके घर ही टूट गए।

ये है पूरा मामला
दरअसल, यूपी के जिले महाराजगंज में प्रधानमंत्री आवास की मिलने वाली पहली किस्त को पाते ही 11 महिलाएं अपने पति को छोड़कर प्रेमी संग भाग गईं हैं। इन महिलाओं को पीएम आवास योजना के तहत 40 हजार की पहली किस्त मिली थी। इसके बाद पीड़ित पति और परिवार वालों ने विभाग के जिम्मेदारों से शिकायत कर दूसरी किश्त न भेजने की गुहार लगाई है। विभाग ने दिए गए सरकारी पैसों को वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार की तरफ से मिलती है सुविधा
बता दें कि, गांव और शहरी क्षेत्र में रहने वाले जिन लोगों के पास घर नहीं होता, उन्हें सरकार रहने के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए पैसा देती है। इस योजना में महिलाएं भी लाभार्थी होती हैं। मीडिया रिपोर्ट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक महराजगंज के निचलौल ब्लॉक क्षेत्र के कुल 108 गांवों में वर्ष 2023-24 में 2350 लाभार्थियों का चयन हुआ था। इसमें से लगभग दो हजार से अधिक लाभार्थियों का आवास पूरा भी हो चुका है। इसी के तहत 11 महिला लाभार्थियों के खाते में भी आवास की पहली क़िस्त भेजी गई थी। क़िस्त मिलते महिलाएं अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई हैं।
पतियों ने लगाई दूसरी क़िस्त न भेजने की गुहार
वहीं इन महिलाओं के पति अब तनाव में हैं। किस्त लेकर भागी महिलाओं के पति ने अधिकारियों से पत्नी के खाते में दूसरी क़िस्त न भेजने की गुहार लगाई है। पति को इस बात का डर सता रहा है कि क़िस्त की रकम वसूलने का नोटिस कहीं उनके नाम न जारी हो जाए। उन्हें उम्मीद थी कि सरकारी मदद से घर बन जाएगा, लेकिन घर बनने से पहले की उनकी गृहस्थी ही उड़ गई। हालांकि जांच के बाद मामले की उजागर होने पर कुछ लाभार्थियों का रकम रोक दिया गया है।
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