मेडिकल कॉलेज मे भर्ती कराए गए पंद्रह माह के मासूम के गले मे फंसे ब्लेड के टुकड़े को दूरबीन पद्धति से बाहर निकालकर बच्चे को एक नया जीवन प्रदान किया गया। बच्चे को बुधवार रात भर्ती कराया गया था।

ईएनटी सर्जन ने दूरबीन पद्धति से किया सफल ऑपरेशन
रात्रि में प्रारंभिक उपचार करने के बाद मेडिकल कॉलेज मे पदस्थ ईएनटी सर्जन व एसोसिएटेड प्रोफेसर डॉक्टर इजहार खान ने अपने सहयोगी डॉक्टर उमेश पटेल एवं डॉक्टर ऋतु के साथ तड़के 4 बजे लगभग आधा घंटे की मशक्कत के बाद दूरबीन पद्धति से बच्चे के गले में फंसी हुईं वस्तु को बाहर निकाला। तो पता चला कि वह ब्लेड का आधा टुकड़ा था। बहरहाल मेडिकल कॉलेज की टीम ने डीन डॉक्टर गिरीश बी रामटेके से मार्गदर्शन प्राप्त कर बच्चे का दूरबीन पद्धति से सफल ऑपरेशन कर उसे एक नया जीवन प्रदान किया। डॉक्टर इजहार खान ने बताया कि बच्चा अब पूरी तरह सामान्य है। कुछ समय ऑब्जर्वेशन मे रखने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। अगर समय रहते उसका इलाज नहीं किया जाता तो बच्चे की जान को खतरा हो सकता था।
खुले में खेल रहे बच्चों पर रखें ध्यान
मेडिकल कॉलेज के ईएनटी सर्जन डॉक्टर इजहार खान ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा है कि छोटे बच्चों को अकेले मे खेलने के लिए न छोड़ें। क्योंकि बच्चों की स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है जमीन में पड़ी हुईं हर वस्तु को निगलना। ऐसी स्थिति में कई बार श्वास नली में फंसी हुईं वस्तु बच्चे की मौत का कारण तक बन जाती है। इसलिए छोटे छोटे बाहर खेल रहे बच्चों पर ख़ास नजर रखनी चाहिए।
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