आजकल हर कोई स्मार्टफोन या मोबाइल का उपयोग कर रहा है। मोबाइल ने हमारे जीवन को आसान बना दिया है। बहुत से काम बैठे बैठे मोबाइल के जरिए ही हो जाते हैं। लेकिन साइबर क्रीमिनल्स भी टेक्नोलॉजी का गलत फायदा उठाकर लोगों के मोबाइल हैक कर रहे हैं।

मोबाइल हैक कर वे यूजर्स का पर्सनल डेटा लीक कर लेते हैं। ऐसे में हम आपको आज एक ऐसी ट्रिक बताने जा रहे हैं, जिससे आपको तुरंत पता चल जाएगा कि कहीं आपका मोबाइल हैकर्स के निशाने पर तो नहीं आ गया है।
फोन में जलने लगे ग्रीन डॉट:
स्मार्टफोन में बहुत से फीचर होते हैं, जिनका इस्तेमाल करके यूजर्स बड़ी ही आसानी से हैकिंग का पता लगा सकते हैं। आपने नोटिस किया होगा कि जब हम फोन का माइक यूज़ करते हैं, तो एंड्रॉयड फोन को टॉप राइट पर ग्रीन डॉट का ऑप्शन आ जाता है। वहीं अगर आप फोन यूज़ नहीं कर रहे हैं या फिर माइक का एक्सेस नहीं कर रहे हैं, उसके बाद भी अगर टॉप राइट पर ग्रीन डॉट या फिर छोटा का माइक आइकन नजर आता है, तो इसका सीधा मतलब है कि कोई आपकी बातों को सुन रहा है। वह आपकी सीक्रेट्स कॉल और सीक्रेट्स बातों को भी सुन सकता है।
हैकिंग के साइन:
स्मार्टफोन हैकिंग पता लगाने के और भी कई तरीके हैं। स्मार्टफोन की बैटरी का जल्द खत्म होना भी हैकिंग का साइन है, क्योंकि हैकिंग के दौरान बैटरी पर लोड बड़ जाता है। इसके साथ ही मोबाइल परफोर्मेंस डाउन होना या फिर मोबाइल की स्पीड अचानक स्लो होना भी हैकिंग का साइन है। फोन कॉल के दौरान अगर बीच-बीच में बीप या फिर अन्य कोई इलेक्ट्रोनिक मशीन का साउंड आता है, तो उससे हैकिंग का पता चल सकता है।
ऐसे बचें हैकिंग से:
हैकिंग से खुद को सेफ रखने के लिए सबसे पहले फोन से स्पाई ऐप रिमूव कर दें। स्पाई ऐप्स अक्सर छिपकर काम करते हैं। ऐसे में आप मोबाइल की सेटिंग्स में जाकर आप माइक या कैमरे की परमिशन चेक कर सकते हैं। अगर कोई ऐप गैर जरूरी परमिशन को एक्सेस करता है, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें।
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