छत्तीसगढ़:एक फुटबाल व बर्तन के लिए छात्रावास के बच्चों को दो दिनों तक नहीं दिया भोजन….
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम जगन्नाथपुर मिशन स्कूल के छात्रावास प्रबंधन का अमानवीय चेहरा सामने आया है। आरोप है कि छात्रावास के छोटे-छोटे बच्चों से एक फुटबाल फट जाने तथा बर्तन टूट जाने के कारण उन्हें दो दिनों तक खाने के लिए नहीं दिया गया।
इतना ही नहीं उक्त सामानों की भरपाई के लिए बच्चों से 50-50 रुपये अतिरिक्त मांग की गई। इनमें से कुछ बच्चों ने राशि जमा भी कर दी।मामला सामने आने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग हरकत में आया। भाजपाइयों ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाए। मामले को तूल पकड़ता देख उच्च प्रबंधन ने यहां के छात्रावास अधीक्षक पीटर सेदोम को निलंबित कर दिया है।स्कूल शिक्षा विभाग ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार जगन्नाथपुर मिशन स्कूल के कक्षा पहली से लेकर ग्यारहवीं तक के बच्चे स्कूल के ही छात्रावास में रहकर पढ़ाई करते हैं। यहां 28 बच्चों के लिए शसकीय अनुदान भी मिलता है। सोमवार को बच्चे फुटबाल खेल रहे थे। इसी दौरान फुटबाल फट गया। इसके कारण छात्रावास अधीक्षक ने बच्चों पर नाराज होते हुए बच्चों से कहा कि तुम लोग बर्तन भी फोड़े हो और अब फुटबाल भी फोड़ दिए। चलो अब दोनों चीजों के नुकसान की भरपाई के लिए पचास-पचास रुपए दो जिस पर सात बच्चों ने तो पैसे दे दिए पर बाकी बच्चे जब पैसा नहीं दे पाए तो अधीक्षक ने सभी बच्चों का खाना – पीना बंद कर दिया। इसी बीच केरता के एक अभिभावक मंगलवार की शाम रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुए अपने बच्चे को लेने पहुंचे तो उनके बच्चे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हम सभी बच्चे दो दिनों से भूखे हैं। जिसके बाद अभिभावक तत्काल बिस्कुट लेकर आए और बच्चों को खाने के लिए दिए।
मामले की जानकारी सूरजपुर जिला शिक्षाधिकारी को मिलने पर वे मंगलवार को रात में ही मिशन स्कूल के छात्रावास पहुंचे और अंदर से बंद गेट को खोलने के लिए कई बार आवाज लगाए पर अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही थी। फिर काफी देर के बाद एक शिक्षिका ने गेट खोला और जिला शिक्षा अधिकारी अंदर पहुंचे। उन्होंने उक्त मामले के संबंध में छात्रों से पूछताछ की और प्रतापपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच करने निर्देशित किया। बुधवार की सुबह बीइओ मुन्नू सिंह धुर्वे, बीआरपी राकेश मोहन मिश्रा व मंडल संयोजक प्रमोद गुप्ता जांच के लिए छात्रावास पहुंचे। खड़गवां पुलिस चौकी प्रभारी बृजकिशोर पाण्डेय की उपस्थिति में अधीक्षक पीटर सेदोम से पूछताछ शुरू की गई तो उन्होंने बताया कि छात्रों ने एक फुटबाल व छात्रावास के कुछ बर्तन फोड़ दिए थे जिसके कारण सजा के तौर पर उन्हें दो वक्त का खाना नहीं दिया गया था। वहीं बच्चों का कहना था कि उन्हें दो दिनों तक भूखा रखा गया। बहरहाल जांच टीम ने अधीक्षक व छात्रावास से जुड़े अन्य लोगों सहित बच्चों को बिस्कुट लाकर देने वाले अभिभावक के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए एक जांच प्रतिवेदन बनाकर डीइओ ललित राम पटेल को सौंप दिया है। मामले की जानकारी मिलने पर छात्रावास में शक्कर कारखाना अध्यक्ष विघासागर सिंह भी पहुंचे थे। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों को दोषियों के ऊपर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। प्रबंधन के रवैय्ये पर उन्होंने नाराजगी भी जताई थी।
भाजपा ने कहा – एफआइआर होना चाहिए प्रबंधन पर
मामले की जानकारी मिलने पर बुधवार को भाजपा जिला उपाध्यक्ष लाल संतोष सिंह, प्रतापपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष अक्षय तिवारी, भाजपा नेता मुकेश तायल व अन्य कार्यकर्ता जगन्नाथपुर के मिशन स्कूल पहुंचे। बच्चों व उनके अभिभावकों से मिलकर मामले की विस्तृत जानकारी ली। मंडल अध्यक्ष अक्षय तिवारी ने कहा कि यह एक अमानवीय कृत्य है इस तरह के कृत्य को कदापि स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मामले में अधीक्षक सहित पूरे प्रबंधन पर निश्चित तौर पर अपराध दर्ज होना चाहिए तथा शासन को स्कूल की मान्यता भी रद्द करनी चाहिए। भाजपा जिला उपाध्यक्ष लाल संतोष सिंह ने आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त विश्वनाथ रेड्डी को कई बार फोन लगाया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया जिसके बाद उन्होंने जिला शिक्षाधिकारी राम ललित पटेल से चर्चा कर उन्हें मौके पर आकर तत्काल कार्रवाई करने आग्रह किया। जिला शिक्षाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भाजपा नेताओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जिला शिक्षाधिकारी ने कड़ी कार्रवाई के दिए संकेत
जगन्नाथपुर मिशन स्कूल पहुंचे जिला शिक्षाधिकारी राम ललित पटेल ने स्कूल परिसर में मौजूद छात्रावास का निरीक्षण किया तो उन्होंने पाया कि 21 सीटर छात्रावास में 64 बच्चों को रखा गया है,जिस पर उन्होंने छात्रावास प्रबंधन से कहा कि यदि आप लोगों ने तीन दिवस के भीतर बच्चों के अनुपात के हिसाब से सीटें नहीं बढ़ाईं तो आपके स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए वे शासन से अनुशंसा करेंगे जिसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस दौरान डीइओ पटेल को यह भी जानकारी मिली की छात्रावास प्रबंधन द्वारा बच्चों से खेतों में रोपा लगवाने,छात्रावास के शौचालय साफ कराने, परिसर में झाड़ू लगवाने जैसे कार्य कराए जाते हैं। साथ ही उन्हें बच्चों के कमरे के सामने रखी कीटनाशक दवाओं से भरी शीशियां भी मिलीं जिस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए छात्रावास प्रबंधन पर कार्रवाई की बात कहते हुए मौके पर मौजूद खड़गवां पुलिस चौकी प्रभारी बृजकिशोर पाण्डेय को दो तीन दिन के भीतर छात्रावास प्रबंधन पर उचित कार्रवाई करने के लिए उनकी टीम द्वारा की जा रही जांच से संबंधित समस्त रिपोर्ट भेजने को कहा है। इस संबंध में चौकी प्रभारी ने भी अभिभावकों के बयान दर्ज किए हैं। इधर भाजपा जिला उपाध्यक्ष लाल संतोष सिंह द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद सूरजपुर से सीडब्ल्यूसी की टीम भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।
मंडल संयोजक की कार्यशैली पर उठाए सवाल
शासन के नियमानुसार छात्रावासों की गतिविधियों पर नजर रखने मंडल संयोजक की नियुक्ति की जाती है। प्रतापपुर विकासखंड के भी समस्त शासकीय अनुदान प्राप्त शासकीय व अशासकीय छात्रावासों का निरीक्षण करने के लिए शासन ने मंडल संयोजक प्रमोद गुप्ता की नियुक्ति की है जिन पर भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया हैं कि वे छात्रावासों के निरीक्षण के नाम पर केवल खानापूर्ति करते हैं जिसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है इसलिए इन्हें तत्काल पद से हटाकर किसी योग्य व्यक्ति को मंडल संयोजक की जिम्मेदारी देनी चाहिए।
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