फर्जी जाति प्रमाण पत्र का मुद्दा राज्य में बेहद गरमाया हुआ है। यहां तक कि, इसको लेकर बकायदा सदन में सरकार को इस पूरे मामले को लेकर सफाई देनी पड़ी। जिस पर सरकार ने कमेटी बनाकर जांच करने को कहा।
ऐसे ही एक जांच के दौरान फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले में बलौदाबाजार कलेक्टर ने बड़ी कार्यवाही की है।

जांच में पाई गई दोषी

कलेक्टर ने उप स्वास्थ्य केंद्र कोहरौद में पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला (आरएचओ) कुमारी धनेश्वरी को इस मामले में दोषी पाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। महिला पिछले 11 साल से नौकरी कर रही थी।


उच्च स्तरीय जांच समिति ने इस पूरे मामले की जांच की और जांच में उन्हें दोषी पाया, जिसके बाद कलेक्टर ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। आरोप है कि, महिला आरएचओ फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी कर रही थी। जिसको लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जांच के आदेश दिए और जांच में उन्हें दोषी पाते हुए कलेक्टर को जांच रिपोर्ट सौंपी। जिसके बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। आपको बता दें कि, विभिन्न विभागों में फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर कर नौकरी कर रहे कर्मचारियों पर जांच चल रही है। जिसमे आज एक मामले दोषी पाते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।
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