नईदिल्ली। श्रीलंका आर्थिक संकट से झूज रही है। यहां आए दिन हर चीजों के दाम बढ़ते जा रहे है। लोगों को खाना और दवाइयों के लिए भारी किल्लतों का सामना करना पड़ रहा है। दाने दाने के मोहताज हो गए है। कई घरों में चूल्हा जलना बंद हो गया है, तो दूसरी ओर लोग भूखा सो रहे है। महिलाएं अपना और अपने घर का खर्च चलाने के लिए वेश्यावृत्ति के धंधा करने को मजबूर हो गए है। पेट पालने के लिए यहां कई महिलाएं सेक्स वर्कस बन गए है।

जानकारी के अनुसार, ज्यादतर यहां की महिलाएं कपड़ा उद्योग से आ रही हैं। क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था चरमराने के बाद जनवरी में इन्हें बंद होना पड़ा। स्पा सेंटर की आड़ में इनमें क्लाइंट्स के लिए बेड़ लगाए जा रहे हैं और इन्हें स्पा सेंटर की आड़ में वेश्यालय का रूप दिया जा रहा है। टेक्सटाइल इंडस्ट्री में काम बंद होने की वजह से यहां महिलाए वेश्यावृत्ति में उतर गए है।
इसमें सबसे बड़ा कारण है महंगाई। महिलाएं जिनके कंधों पर परिवार चलाने की जिम्मेदारी है, वो इस वैकल्पिक रास्तों पर चल रही हैं। संकटग्रस्त श्रीलंका में फ्यूल, खाना और दवाओं सहित कई चीजों की भारी कमी है। जिसके चलते महिलाओं को मजबूरन सेक्स वर्कस बनना पड़ रहा है। इनता ही नहीं महिलाओं को क्लाइंट्स के कहने पर असुरक्षित सेक्स करने को कहा जा रहा है और अगन वो ऐसा नहीं करते तो उनके साथ अत्याचार भी किया जा रहा है।


