बिना सहारे चलने फिरने की आस छोड़ चुके युवक को बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल रायगढ़ मे मिली नई जिंदगी….
रायगढ़/श्री बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल जिले में विश्वास का पर्याय बन चुका है। यहां पर दूर-दराज से मरीज आते हैं और स्वस्थ्य होकर जातें हैं। हॉस्पिटल ने चिकित्सा जगत में सफलता के अनेकों झंडे गाड़ लोगों का भरोसा जीता है जो हॉस्पिटल की सबसे बड़ी उपलब्धि व पूंजी है। सफलता की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए हॉस्पिटल के विशेषज्ञ आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. पीयूष शुक्ला ने एक ऐसे युवक के कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण किया है जो अपनी बीमारी से परेशान होकर बिना सहारा चलने-फिरने की आशा छोड़ चुका था।
जाने मरीज की हिस्ट्री
जिले के तमनार निवासी एक 21 वर्षीय युवक को एक्सीडेंट में गहरी चोट लगी थी। उसे चलने-फिरने, उठने-बैठने व लेटने में भी अत्यधिक पीड़ा होती थी। दिनचर्या के कार्य करने में भी असमर्थता होती थी। युवक का जीवन दूभर हो गया था। दर्द से निजात पाने के लिए युवक ने कई जगह इलाज कराया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली और परेशानी जस की तस बनी रही। युवक बिना सहारे चल भी नहीं पा रहा था। दो साल से परेशान युवक ठीक होकर बिना सहारे चलने की आस छोड़ चुका था। हताशा व परेशानियों ने उसे घेर रखा था। जिसके बाद युवक ने मेट्रो हॉस्पिटल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ पीयूष शुक्ला से मुलाकात की और उन्हें अपने इस गंभीर बीमारी के विषय में बताया डॉक्टर शुक्ला ने प्राथमिक जांच में पाया कि कूल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर है जिसका सही समय पे इलाज नहीं होने की वजह से कूल्हे में खून का दौरा कम हो गया और कुल्हे में आर्थ्राइटिस हो गया था जिसके लिए ऑपरेशन करना जरूरी था।
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