घरघोड़ा (रायगढ़),
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना’ (MMGSY) जिसके कंधे पर ग्रामीण विकास को रफ्तार देने की जिम्मेदारी है, वह घरघोड़ा क्षेत्र में खुद घिसटती नजर आ रही है। छाल रोड से तिलाईपाली–पंडरीपानी स्कूल तक बन रही सीसी सड़क विकास कम और विवादों का ‘शहशाह’ ज्यादा बनती दिख रही है। ग्रामीणों ने निर्माण में इस कदर धांधली का आरोप लगाया है कि नई-नवेली सड़क बनने के साथ ही दरकना शुरू हो गई है। आलम यह है कि सरकारी दावों की चमक इस सड़क की दरारों में साफ खोती नजर आ रही है।

मोटाई में बड़ा ‘खेल’?
ग्रामीणों का सबसे गंभीर और तीखा आरोप सड़क की मोटाई को लेकर है। जमीनी हकीकत बयां करते हुए स्थानीय लोगों ने कहा कि कई जगहों पर चालाकी भरा तर्क दिया जा रहा है कि “नीचे पुरानी सड़क मौजूद है।” इसी बहाने की आड़ में कंक्रीट की मोटाई को महज 4 इंच समेट दिया गया है।
तकनीकी विशेषज्ञों की मानें तो ऐसी भारी-भरकम योजनाओं में मिट्टी की प्रकृति और ट्रैफिक लोड के हिसाब से बेस से लेकर टॉप लेयर तक की कुल मोटाई 30 से 45 सेंटीमीटर (12 से 18 इंच) तक होनी चाहिए। ऐसे में महज 4 इंच की यह ‘कागजी परत’ पहली ही बारिश में बहेगी या नहीं, यह बड़ा सवाल है।
मटेरियल का ‘घोलमाल’-
सड़क सिर्फ मोटाई में ही ‘कंजूसी’ का शिकार नहीं है, बल्कि इसके अंदर डाले जा रहे मटेरियल पर भी ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। आरोपों के मुताबिक:
बेस लेयर में गिट्टी और फाइन एग्रीगेट (मुरुम) का निर्धारित अनुपात पूरी तरह गायब है।
बॉन्डिंग के लिए जरूरी छोटी गिट्टी का इस्तेमाल लगभग न के बराबर किया जा रहा है।
घटिया संपीड़न (कंपेक्शन) के कारण सड़क के टिकाऊपन पर अभी से ग्रहण लग चुका है।
नतीजा सड़क पूरी तरह बनकर तैयार भी नहीं हुई है और इसके कुछ हिस्सों में गहरी दरारें (क्रैक्स) उभर आई हैं। ये दरारें चिल्ला-चिल्लाकर निर्माण की घटिया क्वालिटी की गवाही दे रही हैं।
निरीक्षण की ‘आंखों पर पट्टी’ या ठेकेदार से ‘सहानुभूति’?
ग्रामीणों का सीधा सवाल इस योजना की निगरानी करने वाले इंजीनियरों और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर है। जनता पूछ रही है कि जब सड़क कई जगह महज 4 इंच मोटी बन रही है, तो विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस पर हस्ताक्षर कैसे कर रहे हैं? क्या फाइनल पेमेंट भी इसी 4 इंच के पैमाने पर होगा या कागजों में इसे ‘मानक’ दिखाकर सरकारी खजाने को चूना लगाने की तैयारी है?
इस पूरे मामले में ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे चुका है। तिलाईपाली से लेकर पंडरीपानी स्कूल तक के नाराज ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि वे इस बंदरबांट को चुपचाप नहीं देखेंगे। जनता ने इस पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष तकनीकी जांच (Technical Audit) कराने की मांग तेज कर दी है।
अब देखना यह है कि रायगढ़ जिला प्रशासन और MMGSY के आला अधिकारी ग्रामीणों के इस तीखे आक्रोश पर क्या संज्ञान लेते हैं, या फिर विकास की यह सड़क यूं ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगी।


- MMGSY सड़क निर्माण में मानकों का कत्लेआम, महकमे की चुप्पी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा!करोड़ों की सड़क, 4 इंच की मोटाई?तिनके की तरह बिखरने लगी मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की साख! - June 10, 2026
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