बिलाईगढ़। नगर पंचायत बिलाईगढ़ के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) यशवंत देवांगन के विरुद्ध पुलिस थाना बिलाईगढ़ में गंभीर आरोपों के संबंध में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस के अनुसार प्रकरण में FIR क्रमांक 0208, दिनांक 01 अक्टूबर 2026 को दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 74, 75(1) और 336(3) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
प्राप्त FIR के अनुसार, मोहन लाल साहू, चपरासी, SDM कार्यालय बिलाईगढ़ की शिकायत के आधार पर तत्कालीन CMO यशवंत देवांगन के विरुद्ध यह मामला दर्ज किया गया है। FIR में घटना की तारीख 27 अगस्त 2026 तथा समय दोपहर 1:41 बजे बताया गया है। घटना स्थल कार्यालय जनपद पंचायत (जपं) बिलाईगढ़ बताया गया है।

महिला समूह की शिकायत पर गठित हुई थी जांच टीम
मामले की पृष्ठभूमि में जय मां समलेश्वरी महिला स्व-सहायता समूह की शिकायत सामने आई थी। इस शिकायत के आधार पर SDM बिलाईगढ़ द्वारा विभागीय जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन क्रमांक 758/अवि0अ0/शिका. शाखा/26, दिनांक 10 सितंबर 2026 में जांच दल के निष्कर्ष दर्ज किए गए हैं।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, मिशन क्लीन सिटी की करीब 8 लाख 96 हजार रुपये की राशि का भुगतान शिकायत के बाद किए जाने का उल्लेख है। जांच के दौरान समूह से जुड़ी महिलाओं के बयान भी दर्ज किए गए।
प्रस्ताव क्रमांक 21 को कूटरचित करने का आरोप
जांच दल के समक्ष महिलाओं द्वारा दिए गए कथनों के अनुसार, तत्कालीन CMO पर प्रस्ताव क्रमांक 21 को कूटरचित कर महिला समूह के अनुबंध को समाप्त करने संबंधी एजेंडा प्रस्तुत किए जाने का आरोप लगाया गया। इसके अलावा महिलाओं ने तत्कालीन CMO पर उनके साथ कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार, अश्लील हरकत, गरिमा भंग करने तथा लैंगिक उत्पीड़न एवं छेड़छाड़ से संबंधित गंभीर आरोप लगाए।
जांच दल ने उपलब्ध शिकायत एवं बयानों के आधार पर मामले को गंभीर मानते हुए प्रथम दृष्टया BNS की धारा 74, 75(1) और 336(3) के तहत अपराध के तत्व पाए जाने का उल्लेख अपने प्रतिवेदन में किया।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस कार्रवाई
विभागीय जांच के बाद SDM कार्यालय द्वारा पत्र क्रमांक 782/30 वि. अ./शिकायत शाखा/26, दिनांक 28 सितंबर 2026 के माध्यम से थाना बिलाईगढ़ को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया। इसके आधार पर पुलिस ने 01 अक्टूबर 2026 को FIR दर्ज कर प्रकरण को विवेचना में लिया।
पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना निरीक्षक प्रकाश राठौर द्वारा की जा रही है। पुलिस द्वारा शिकायत, विभागीय जांच प्रतिवेदन, संबंधित दस्तावेजों और बयानों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस विवेचना जारी है। FIR में दर्ज आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
