सारंगढ़-बिलाईगढ़। सपेरा बस्ती के परिवारों को पारंपरिक जीवन-यापन से आगे बढ़ाकर सम्मानजनक जीवन, स्थायी रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल अब बदलाव की नई तस्वीर पेश कर रही है। इस अभियान को जमीन पर प्रभावी रूप देने में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय की सक्रिय भूमिका सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को केवल सहायता देने के बजाय उनके हुनर को पहचानकर उन्हें स्थायी आय के साधनों से जोड़ना प्राथमिकता है।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय ने बताया कि जो परिवार कभी सांप दिखाकर जीवन-यापन करते थे, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं को एक साथ जोड़ा जा रहा है। इसके तहत एक ओर प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से बेहतर आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त बस्ती विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वास्तविक बदलाव तभी आएगा, जब आवास के साथ परिवारों को स्थायी रोजगार और आय का साधन भी मिले। इसी उद्देश्य से कौशल विकास और आजीविका से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में सभी लोगों को एक ही काम तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार अलग-अलग हुनर विकसित किए जा रहे हैं।
कुछ लोग कढ़ाई का प्रशिक्षण ले रहे हैं, तो कुछ सिलाई, धागा-बटन जैसे कार्य सीख रहे हैं। वहीं कई परिवारों के सदस्य हस्तकरघे पर कपड़े और साड़ी बुनने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इससे पारंपरिक जीवन-यापन से आगे बढ़कर आधुनिक कौशल के साथ नया व्यवसाय खड़ा करने की संभावनाएं तैयार हो रही हैं।
संजय भूषण पाण्डेय ने बताया कि हस्तकरघे से तैयार की जा रही साड़ियों को ‘कौसली साड़ी’ के नाम से ब्रांड पहचान देने की पहल की गई है। इन परिवारों द्वारा आकर्षक साड़ियों के साथ कुर्ते और अन्य वस्त्र भी तैयार किए जा रहे हैं। प्रसिद्ध प्रशिक्षक अरुण मेहरा के मार्गदर्शन में दिया जा रहा प्रशिक्षण परिवारों को अपने हुनर को व्यवसाय में बदलने का अवसर प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में एनआरएलएम के माध्यम से भी इन परिवारों को लगातार सहयोग दिया जा रहा है। बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार और अनुभव प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए हैं। अब अगला लक्ष्य तैयार उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है, ताकि प्रशिक्षण केवल प्रमाण-पत्र तक सीमित न रहे, बल्कि इससे परिवारों की वास्तविक आय बढ़े।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सपेरा बस्ती के परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके जीवन में स्थायी और सम्मानजनक बदलाव लाना है। आवास, कौशल, रोजगार, सम्मान और आत्मनिर्भरता को एक साथ जोड़कर ऐसी व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे परिवार अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर का दिन देश के लिए विशेष महत्व रखता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के साथ पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई जाती है। गांधी जी ने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया, जबकि शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी और जनसेवा को अपने जीवन का आदर्श बनाया। इन महान विभूतियों के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना और उन्हें सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना ही इस पहल का संकल्प है।
कार्यक्रम में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, प्रदेश प्रवक्ता जगन्नाथ पाण्डेग्राही, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल, जिला पंचायत सदस्य सहोदरा सीदार, जिला पंचायत सदस्य अभिलाषा नायक तथा एनआरएलएम एपीओ संजू पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।


