सारंगढ़। छत्तीसगढ़ क्रांतिकारी शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग की हालिया बैठक में पदोन्नति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने के निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयुक्त सचिव लैलून कुमार भारद्वाज ने इसे वर्तमान भर्ती नियमों के विपरीत बताते हुए शिक्षकों के हित में तत्काल निर्णय वापस लेने की मांग की है।
लैलून भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक और मिडिल स्कूलों के शिक्षक लंबे समय से अपनी रुकी हुई पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। शिक्षकों को उम्मीद थी कि विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कर पदोन्नति का रास्ता आसान किया जाएगा, लेकिन टीईटी की आड़ में पदोन्नति के लिए नई बाधाएं खड़ी की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रभावी शिक्षक भर्ती नियमों में पदोन्नति के लिए टीईटी की अनिवार्यता का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। ऐसे में विभागीय बैठक में टीईटी को अनिवार्य बताकर भर्ती नियमों से अलग निर्देश जारी करना नियमों में परस्पर विरोध की स्थिति पैदा करता है। संघ ने इसे शिक्षकों के साथ अन्याय बताया है।

2028 तक टीईटी की समय-सीमा, फिर पदोन्नति में बाधा क्यों?
संघ का कहना है कि शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए वर्ष 2028 तक का समय दिया गया है। ऐसे में वर्ष 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करने की समय-सीमा होने के बावजूद वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी को आधार बनाकर वरिष्ठ शिक्षकों को पदोन्नति से वंचित करना उचित नहीं है। इससे भविष्य में विवाद और न्यायिक जटिलताओं की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति की मांग
छत्तीसगढ़ क्रांतिकारी शिक्षक संघ ने मांग की है कि वर्तमान वरिष्ठता सूची के आधार पर पात्र शिक्षकों की पदोन्नति तत्काल की जाए तथा पदोन्नति में आरक्षण का भी पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिन शिक्षकों के लिए टीईटी आवश्यक है, उन्हें वर्ष 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करने का पर्याप्त अवसर दिया जाए।
संघ ने शासन स्तर पर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के माध्यम से विभागीय टीईटी परीक्षा तत्काल आयोजित कराने की मांग भी की है, ताकि सभी पात्र शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होकर अपना अवसर प्राप्त करने का मौका मिल सके।
प्रदेशाध्यक्ष लैलून कुमार भारद्वाज, नरसिंह श्रीवास, प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र पटेल सहित संघ के समस्त पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव एवं संचालक लोक शिक्षण संचालनालय से मांग की है कि पदोन्नति में टीईटी की अनिवार्यता समाप्त कर वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
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