सारंगढ़। 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर 0.40 प्रतिशत MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगाए जाने के प्रस्ताव को लेकर व्यापारिक संगठनों की चिंता के बीच CAIT के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने किया।
बैठक में यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित MDR सहित व्यापारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। व्यापारिक संगठनों ने यूपीआई को देश के डिजिटल भुगतान तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखने की मांग रखी।
वित्त मंत्री के साथ हुई चर्चा के बाद 2 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘नो यूपीआई डे’ का आह्वान AICPDF और AIMRA द्वारा वापस ले लिया गया। CAIT ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
CAIT के जिलाध्यक्ष रतन शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा व्यापारियों की बात को गंभीरता से सुनना स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा कि यूपीआई की सफलता और मजबूती में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है और व्यापारियों की भागीदारी से ही डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।
रतन शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से व्यापारियों के हितों को लेकर सकारात्मक रुख सामने आने के बाद ‘नो यूपीआई डे’ वापस लेने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यूपीआई से जुड़े किसी भी शुल्क संबंधी निर्णय में छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों और सरकार के बीच संवाद से समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। यूपीआई देश में छोटे-बड़े व्यापारियों के लिए भुगतान का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है, इसलिए इससे जुड़े नीतिगत फैसलों में सभी पक्षों की चिंताओं को ध्यान में रखना जरूरी है।

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