सारंगढ़। विकासखंड सारंगढ़ के शासकीय प्राथमिक शाला दहिदा में प्रधान पाठक प्रियंका गोस्वामी के मार्गदर्शन में ‘सियान के संगवारी- बाल चौपाल’ का आयोजन किया गया। इस अभिनव पहल के माध्यम से बच्चों और गांव के बुजुर्गों को एक मंच पर लाकर आपसी संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर दिया गया।
गांव के बुजुर्ग बच्चों के आमंत्रण पर विद्यालय पहुंचते हैं और उनके साथ पुरानी-नई कहानियां, जीवन के अनुभव तथा पारंपरिक ज्ञान साझा करते हैं। इस पहल से बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जीवन को करीब से समझने का अवसर मिल रहा है।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में निर्धारित सामुदायिक भागीदारी एवं अनुभवात्मक शिक्षा के उद्देश्यों को भी मजबूती प्रदान कर रही है। बुजुर्गों के अनुभवों से बच्चों में सामाजिक-सांस्कृतिक जुड़ाव, नैतिक मूल्यों और व्यवहारिक ज्ञान का विकास हो रहा है। साथ ही मातृभाषा के प्रति बच्चों की पकड़ भी मजबूत हो रही है।
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने गांव के बुजुर्ग जगेश्वर प्रसाद चंद्रा, तीजराम जांगड़े, सुदामा बंज, रामेश्वर अजगल्ले, दशरथ जांगड़े एवं सुखीराम जांगड़े का तिलक लगाकर, श्रीफल एवं गुलदस्ता भेंट कर सम्मान किया।
इस अवसर पर बुजुर्गों ने बच्चों के साथ अपने जीवन के अनुभव और पुरानी यादें साझा कीं। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक उनसे संवाद किया। कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी और बुजुर्गों के बीच अपनत्व एवं संवाद की मजबूत कड़ी बनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में प्रधान पाठक प्रियंका गोस्वामी, असरिता टोप्पो, खेमराज पटेल, संजय मिश्रा सहित विद्यालय के विद्यार्थी एवं समुदाय के बुजुर्ग उपस्थित रहे।

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