रायगढ़, 20 जून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खरसिया पुलिस ने 52 किलोग्राम गांजा तस्करी मामले में फरार चल रही मुख्य महिला सप्लायर सुभद्रा उर्फ मामी मलिक को ओडिशा के कंधमाल जिले से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई अप्रैल माह में पकड़े गए तीन अंतरराज्यीय गांजा तस्करों से मिले अहम सुरागों के आधार पर की गई।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से तीन युवक भारी मात्रा में गांजा लेकर निकले हैं। सूचना मिलते ही एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सड़क एवं रेल मार्ग पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। इसी दौरान खरसिया रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस एवं साइबर टीम ने घेराबंदी कर तीन युवकों को दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान दिनेश कुमार बेहरा, शिवा बेहरा एवं देवी प्रसाद कंहर, निवासी जिला कंधमाल (ओडिशा) के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से क्रमशः 16.1 किलो, 20.4 किलो और 15.5 किलो सहित कुल 52 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 25 लाख 62 हजार रुपये आंकी गई।
पूछताछ और मेमोरेंडम कथन में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह गांजा उन्हें संबलपुर रेलवे स्टेशन के पास रहने वाली महिला मामी मलिक ने मध्यप्रदेश के बीना तक पहुंचाने के लिए दिया था। पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए महिला की पहचान सुभद्रा दिगल उर्फ मामी मलिक के रूप में की।
इसके बाद विधिवत अनुमति लेकर खरसिया पुलिस की टीम ने ओडिशा के कंधमाल जिले के थाना गोच्छापाड़ा क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश दी और मुख्य सप्लायर सुभद्रा उर्फ मामी मलिक को गिरफ्तार कर रायगढ़ लाई। पूछताछ में महिला ने गांजा उपलब्ध कराने और उसे बीना तक भेजने की जिम्मेदारी देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक विवो वी-60 टच स्क्रीन मोबाइल फोन भी जब्त किया।
रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन आघात के तहत केवल गांजा परिवहन करने वाले आरोपियों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क, सप्लायर, ट्रांसपोर्टर और आर्थिक लाभ लेने वाले सभी लोगों तक पहुंचकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भी जांच जारी है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस प्रत्येक मादक पदार्थ तस्करी मामले में एंड-टू-एंड जांच कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि नशे का कारोबार करने वालों के लिए रायगढ़ जिला किसी भी स्थिति में सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने दिया जाएगा।
इस पूरी कार्रवाई में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी, सहायक उप निरीक्षक मनोज पटेल, महिला प्रधान आरक्षक ममता मिंज, आरक्षक धनंजय कश्यप, गोविंद बनर्जी, महिला आरक्षक प्रियंका मिंज तथा श्यामा सिदार की सराहनीय भूमिका रही।



