सारंगढ़-बिलाईगढ़। कृषि क्षेत्र में जैविक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने की दिशा में गुरुवार को महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। कृषि संभाग बिलासपुर के संयुक्त संचालक राजेश कुमार राठौर ने कार्यालय उप संचालक कृषि एवं कृषि प्रक्षेत्र अमेठी, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ का निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं और गतिविधियों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को किसानों के हित में कई अहम दिशा-निर्देश दिए।
संयुक्त संचालक राठौर ने विशेष रूप से किसानों के बीच हरी खाद के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को इसके लाभों की जानकारी देकर अधिक से अधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को बीजीए (ब्लू ग्रीन एलगी) कल्चर उत्पादन तकनीक का प्रशिक्षण भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि बीजीए कल्चर धान की खेती के लिए अत्यंत उपयोगी जैविक उर्वरक है, जिससे खेती की लागत घटेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र बीजीए कल्चर उत्पादन प्रारंभ कर किसानों तक इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संयुक्त संचालक राठौर ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ जैविक उपायों को अपनाकर किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देने तथा उन्हें आत्मनिर्भर खेती की ओर प्रेरित करने की बात कही।
इस निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक में आशुतोष श्रीवास्तव, ए. के. बनाफर, शारदा पैंकरा, आत्माराम सिदार सहित जिले के सभी विकासखंडों से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी एवं आत्मा योजना अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी उपस्थित

