सारंगढ़-बिलाईगढ़, 7 मई 2026। छत्तीसगढ़ में किसानों को उर्वरक वितरण और विक्रय को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों पर राज्य शासन ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। शासन ने साफ कहा है कि सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में उर्वरकों के विक्रय और वितरण पर किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। हाल ही में कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को निराधार और भ्रम फैलाने वाला बताया गया है।
कृषि विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार किसानों को उनकी भूमिधारिता और फसल के वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुरूप संतुलित मात्रा में उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। सहकारी एवं निजी विक्रय केंद्रों में उर्वरकों का विक्रय केवल पॉस मशीन के माध्यम से ही किया जाएगा, जिससे वितरण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
विभाग ने जिले के उप संचालक कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निजी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा केवल वास्तविक किसानों को ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए विक्रय के दौरान किसान का नाम, आधार नंबर, जोत का रकबा, फसल का नाम तथा खरीदे जा रहे उर्वरक की मात्रा का रिकॉर्ड संधारित करना अनिवार्य किया गया है।
शासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी विक्रेता द्वारा इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और अपनी आवश्यकता अनुसार अधिकृत विक्रय केंद्रों से उर्वरक प्राप्त करें। शासन ने भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

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