सारंगढ़। मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास के दम पर किरारी गांव के होनहार युवा अजय पटेल ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा में तीसरे प्रयास में शानदार 34वीं रैंक हासिल कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) बनकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वर्तमान में वे बरमकेला में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी सफलता आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

शिक्षा और संस्कारों से मिली मजबूत नींव

अजय पटेल के पिता मोहन लाल पटेल माध्यमिक शाला कबारीपाली में शिक्षक हैं, जबकि माता कमला पटेल गृहिणी हैं। बड़े भाई संजय पटेल एनटीपीसी नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश में कार्यरत हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन का वातावरण रहा, जिसने अजय के व्यक्तित्व को मजबूत आधार दिया।
गांव से शुरू हुआ सफर, नवोदय तक पहुंची प्रतिभा
अजय पटेल की प्रारंभिक शिक्षा पहली से आठवीं तक गृहग्राम किरारी स्थित आदर्श विद्या मंदिर में हुई। इसके बाद उन्होंने नवमी से बारहवीं तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय, चिसदा से पूरी की। स्कूली जीवन से ही वे मेधावी छात्र रहे और बड़े सपने देखने लगे थे।
कोटा में आईआईटी की तैयारी, फिर इंजीनियरिंग की राह
बारहवीं के बाद उन्होंने एक वर्ष तक कोटा, राजस्थान में रहकर आईआईटी की तैयारी की। इसके बाद वर्ष 2013 से 2017 तक रायपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
पीएससी की राह में संघर्ष और सीख
इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद वर्ष 2017 से पीएससी की तैयारी शुरू की।
पहला प्रयास:
पहले ही प्रयास में प्री परीक्षा पास कर ली, लेकिन जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास के कारण तैयारी में कमी रह गई और सफलता अधूरी रह गई।
दूसरा प्रयास:
दूसरे प्रयास में प्री और मेंस दोनों परीक्षा पास की, लेकिन रैंक पीछे रहने के कारण पोस्ट नहीं मिल सकी।
तीसरा प्रयास:
हार न मानते हुए पूरी लगन से तैयारी जारी रखी और तीसरे प्रयास में 34वीं रैंक हासिल कर सफलता का परचम लहरा दिया।
असिस्टेंट लैब टीचर से CEO तक का सफर
सितंबर 2021 से फरवरी 2022 तक अजय पटेल असिस्टेंट लैब टीचर के पद पर पदस्थ रहे और छह महीने तक सेवा दी। इसके बाद पीएससी में सफलता हासिल कर उनकी पहली पदस्थापना पिगेश्वर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में हुई। वर्तमान में वे बरमकेला में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
मामा गजानंद पटेल रहे प्रेरणा स्रोत
अजय पटेल अपनी सफलता का श्रेय अपने प्रेरणा स्रोत मामा गजानंद पटेल को देते हैं। उनका कहना है कि कठिन समय में मामा का मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा।
विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
अजय पटेल विद्यार्थियों से कहते हैं—
“असफल होने से कभी डरना नहीं चाहिए। असफलता सफलता की पहली सीढ़ी होती है। अगर लक्ष्य बड़ा है तो संघर्ष भी बड़ा होगा। लगातार प्रयास करते रहिए, मेहनत कभी बेकार नहीं जाती और सफलता एक दिन जरूर मिलती है।”
आज युवाओं के लिए प्रेरणा बने अजय पटेल
किरारी गांव से निकलकर बरमकेला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनने तक का अजय पटेल का सफर इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उनकी सफलता पूरे क्षेत्र के युवाओं को आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दे रही है।
