सारंगढ़। खरसिया थाना हिरासत में कथित मारपीट के कारण रमेश चौहान की हुई मौत ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। इस घटना को लेकर चौहान (गांडा) समाज में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है और इसे केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताया जा रहा है।
सारंगढ़ जिले के चौहान समाज के कार्यकारी जिला अध्यक्ष गोपाल बाघे ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई प्रकरण दर्ज न किया जाना सत्ता और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की निष्क्रियता से आम जनता का कानून व्यवस्था से भरोसा लगातार कमजोर होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के जो आश्वासन दिए गए थे, वे अब खोखले साबित हो रहे हैं। प्रशासन पर आरोप लगाते हुए बाघे ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार हिरासत के दौरान रमेश चौहान के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।
इसके बावजूद अब तक संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। बाघे ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिससे समाज में आक्रोश और बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जांच के नाम पर लगातार देरी की जा रही है, जिससे न्याय प्रक्रिया पर संदेह गहराता जा रहा है। चौहान समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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