बरमकेला। क्षेत्र के होनहार युवक अश्विनी पटेल (बाबा) ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए भारतीय स्टेट बैंक में जूनियर एसोसिएट (क्लर्क) के पद पर चयन प्राप्त किया है। उन्होंने दिनांक 01 अप्रैल 2026 को बिलासपुर में अपनी जॉइनिंग भी कर ली है, जबकि उनकी ब्रांच पोस्टिंग अभी शेष है।
अश्विनी पटेल एक प्रतिष्ठित एवं सामाजिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वे अखिल भारतीय अघरिया समाज, बरमकेला के पूर्व अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बरमकेला के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान केन्द्रीय प्रतिनिधि, साथ ही जनपद पंचायत बरमकेला के सदस्य ताराचंद पटेल के सुपुत्र हैं। उनकी माता श्रीमती गोदावरी पटेल एक गृहिणी हैं। उनका मूल निवास ग्राम बिक्रमपाली है, जबकि वर्तमान में वे बरमकेला में निवास कर रहे हैं।

शिक्षा में भी रहे अव्वल
अश्विनी की प्रारंभिक शिक्षा बरमकेला के मोना मॉडर्न हायर सेकेंडरी स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने कक्षा 6वीं से 10वीं तक की पढ़ाई रायगढ़ के संस्कार पब्लिक स्कूल से की।
कक्षा 10वीं में CBSE इंग्लिश मीडियम से 10 CGPA लाकर उन्होंने पूरे स्कूल में टॉप किया और अपने परिवार व विद्यालय का नाम रोशन किया।
इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा हेतु शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बिलासपुर से बी.टेक (इलेक्ट्रिकल) की डिग्री प्राप्त की।
इंजीनियरिंग छोड़ चुना बैंकिंग, संघर्ष के बाद मिली सफलता
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अश्विनी ने महसूस किया कि उनका रुझान बैंकिंग क्षेत्र की ओर अधिक है, जिसके चलते उन्होंने बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी शुरू की।
इस दौरान उन्हें कई बार बेहद कम अंतर से असफलता का सामना करना पड़ा—कभी 0.5 अंक तो कभी 1 अंक से चूक गए। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
आखिरकार वर्ष 2025 में आयोजित SBI जूनियर एसोसिएट परीक्षा में उन्होंने सफलता हासिल कर ली। यह उपलब्धि और भी खास इसलिए है क्योंकि उन्होंने यह सफलता जनरल कैटेगरी में प्राप्त की।
लाखों में चुने गए सिर्फ 6600 उम्मीदवार
इस परीक्षा में 15 से 20 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से केवल 6600 उम्मीदवारों का चयन होना था। ऐसे कड़े मुकाबले में सफलता पाना अश्विनी की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है।
बिना कोचिंग, खुद की मेहनत से पाई मंजिल
अश्विनी पटेल की सफलता की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने फ्री यूट्यूब क्लासेस और मॉक टेस्ट के जरिए अपनी तैयारी पूरी की और लक्ष्य हासिल किया।
अश्विनी पटेल की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे बरमकेला क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। यह उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने का हौसला रखते हैं।

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