यदि आप आमतौर पर तरबूज के छिलकों को फेंक देते हैं, तो अगली बार ऐसा करने से पहले एक बार सोचें। ये छिलके पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और आप इन्हें एक स्वादिष्ट सब्जी में बदल सकते हैं।

यह करी पराठे, पूरी, रोटी या चावल के साथ खाने में बेहद स्वादिष्ट लगती है।
स्वाद का अनुभव
इस करी का स्वाद इतना अद्भुत होता है कि शायद ही कोई यह पहचान पाएगा कि यह तरबूज के छिलकों से बनी है। इसे बनाने के लिए, सबसे पहले तरबूज का छिलका उतारें और हरे सख्त हिस्से को हटा दें। सफेद हिस्से को अच्छे से धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें। ध्यान रखें कि टुकड़े छोटे हों, क्योंकि इन्हें पकने में थोड़ा समय लगेगा।
सामग्री की सूची
सरसों का तेल
3-4 बड़े चम्मच हींग
1 चुटकी सूखी लाल मिर्च
1 छोटा चम्मच सौंफ
2 छोटे चम्मच जीरा
1.5 छोटे चम्मच कलौंजी
½ छोटा चम्मच अदरक
2 छोटे चम्मच लहसुन
2 छोटे प्याज
1 कप हरी मिर्च
नमक स्वादानुसार
हल्दी पाउडर ½ छोटा चम्मच, लाल मिर्च पाउडर 1.5 छोटे चम्मच, धनिया पाउडर
1 बड़ा चम्मच तरबूज का छिलका
लगभग 3 कप तरबूज का रस
¼ कप अमचूर पाउडर, 1 छोटा चम्मच कसूरी मेथी
तरबूज के छिलके की करी बनाने की विधि
एक कड़ाही में सरसों का तेल गरम करें और उसमें राई, सौंफ, जीरा और कलौंजी डालें। इन्हें थोड़ी देर भूनें। जब मसाले भुन जाएं, तो सूखी लाल मिर्च, कटा हुआ लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालें। इस मिश्रण को 1-2 मिनट तक भूनते रहें। फिर प्याज डालें और सुनहरा होने तक भूनें। जब प्याज भुन जाए, तो उसमें तरबूज के कटे हुए छिलके डालें और अच्छी तरह मिलाएं।
अब मिश्रण को चलाते रहें और कड़ाही को ढक दें। छिलकों को मध्यम आंच पर 2-3 मिनट तक पकाएं। फिर एक कप कटे हुए तरबूज को ब्लेंड करके उसका जूस बनाएं और इसे करी में डालें। पैन को फिर से ढक दें और करी को धीमी आंच पर 18-20 मिनट तक पकाएं। बीच-बीच में चलाते रहें। जब छिलका नरम हो जाए, तो अमचूर पाउडर और कसूरी मेथी डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
सर्विंग सुझाव
किन-किन चीजों के साथ खा सकते हैं
आप इस डिश को गरमा-गरम पराठों या घी लगी रोटियों के साथ परोस सकते हैं। इसमें मसालों का संतुलन खट्टा और हल्की मिठास का अनुभव कराता है। जब आप इसे अपने परिवार को परोसेंगे, तो उन्हें पता भी नहीं चलेगा कि यह तरबूज के छिलकों से बनी है। इसलिए इस गर्मी में तरबूज लाते समय उसके छिलकों को फेंकें नहीं, बल्कि एक स्वादिष्ट सब्जी बनाएं।
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