“भ्रष्टाचार, वित्तीय संकट और ठेकेदारों की पीड़ा”: जिपं सदस्य बिनोद भारद्वाज का सरकार पर तीखा हमला…
सारंगढ़। जिला पंचायत सदस्य बिनोद भारद्वाज ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि एक ओर जहां प्रदेश में भ्रष्टाचार और घोटालों का खेल जारी है, वहीं दूसरी ओर अफीम और गांजे की अवैध खेती खुलेआम हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है।
“वित्तीय कुप्रबंधन से ठप पड़े विकास कार्य”
बिनोद भारद्वाज ने कहा कि खराब वित्तीय प्रबंधन के कारण सरकार ने कई निर्माण और विकास कार्यों को रोक दिया है। हालात यह हैं कि छोटे-छोटे भुगतान भी समय पर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे ठेकेदारों में भारी नाराजगी है।
“ठेकेदार आत्महत्या की दे रहे चेतावनी”
उन्होंने बताया कि पीएचई विभाग के एक ठेकेदार ने अपना काम पूरा करने के बावजूद भुगतान न मिलने से परेशान होकर 30 मार्च को पीएचई कार्यालय के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यही स्थिति लगभग सभी विभागों में बनी हुई है, जिससे काम पूरी तरह ठप हो गए हैं।
“300 करोड़ घोटाले की जांच कब?”
आबकारी विभाग को लेकर भी भारद्वाज ने बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेनपावर सप्लाई का काम कथित रूप से भाजपा के एक राष्ट्रीय नेता की कंपनी को गलत तरीके से दिया गया है। लगभग 300 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले की जांच ईडी और ईओडब्ल्यू से कराने की मांग करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह कार्रवाई कब होगी।
“शराब नीति पर भी उठे सवाल”
उन्होंने बताया कि राज्य में शराब आपूर्ति के लिए हुए टेंडर में इस बार दरें काफी कम आई हैं। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि अब देशी मदिरा कांच की बोतल के बजाय प्लास्टिक की बोतलों में उपलब्ध कराई जाएगी।
उनका दावा है कि इससे सरकार को करीब 150 करोड़ रुपये का लाभ हो सकता है, लेकिन आम उपभोक्ताओं को इसका कोई विशेष फायदा नहीं मिलेगा, बल्कि स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ सकता है।
सरकार से जवाबदेही की मांग
बिनोद भारद्वाज ने मुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री से इस पूरे मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता अब पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है।
कुल मिलाकर, जिपं सदस्य के इन आरोपों ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और अब सभी की नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।
