“हमारी मर्जी ज़ब स्कूल बंद करें ” शिकायत करोगे तो 01 दिन का वेतन ही कटेगा..!सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के शिक्षा के स्तर को गर्त में पहुंचाने वाले कौन?पढ़िए पूरी खबर..
छत्तीसगढ़ मे सारंगढ़ बिलाईगढ़ का स्तर ऐसे ही अपने शर्मनाक दौर से नहीं गुजर रहा बल्कि इसे गर्त मे पहुंचाने के लिए कुछ शिक्षक बीड़ा उठाये तत्पर नज़र आ रहे है। यही वो शिक्षक होते हैँ जो वेतन वृद्धि के लिए हड़ताल मे महीनो पंडाल के नीचे अंगद के पाँव की भाँती जम जाते है लेकिन स्कूल में तय समय तक रहने में काँटा चुभने से भी ज्यादा दर्द महसूस होता है! हम इतना कठोर शब्द इनके लिए इस हेतु लिख रहे हैँ क्योंकि सरकार से बराबर वेतन लेकर ये शिक्षक बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैँ। आँखों में जो सपने माँ – बाप संजोकर अपने नौनीहालों को स्कूल भेजते हैँ उन सपनो को चकनाचूर करने की सौगंध खाकर वेतनभोगी शिक्षक उच्च अधिकारी का हवाला देकर लापरवाही बरतने से भी गुरेज नहीं करते।
सरकार शिक्षा में सुधार के लिए कई प्रयास कर रही है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का ढोल पीटा जा रहा है, लेकिन कुछ विद्यालय के शिक्षक समय से पूर्व विद्यालय बंद कर घर चले जाते हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है।
सरकारी विद्यालयों को सुधारने के लिए भले ही तमाम नियम-कानून हैं, शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने केलिए समय-समय पर तमाम निर्देश दिये जाते हैं मगर शिक्षक अपनी ही मनमानी करते हैं।
हद तो तब हो जाती है ज़ब किसी स्कूल प्रांगण में प्राथमिक और माध्यमिक शाला दोनों संचालित हों और जो बिलाईगढ़ ब्लॉक का संकुल भी हो जिसमे कुल 06 सरकारी शिक्षक( 02 प्रधानपाठक) हों और सभी 02 बजे स्कूल बंद करके अपने बच्चो के पास या कहें अपने घर परिवार के पास अर्थात छुट्टी करके चले जाएँ तो ऐसे गैर जिम्मेदारो पर क्या कार्रवाई होनी चाहिए?
पत्रकारों को धमकी देते हुए एक शिक्षक द्वारा ये कहा गया क्या होगा अधिक से अधिक एक दिन का वेतन कट जायेगा उससे ज्यादा कुछ नहीं हो सकता।
ऐसे में जो गरीब ग्रामीण और मजदूर वर्ग के बच्चो के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रतिबद्ध नज़र आने वाले शिक्षक शिक्षिकाओं पर क्या शिक्षा अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है? क्या सिर्फ 1 दिन का वेतन काटकर अधिकारी पुनः इनका हौसला अफजाई करेंगे या ऐसे भविष्य बिगाड़ा शिक्षकों को कठोर कार्रवाई की दरकार है, निलंबित या कानूनन..?
सज़ा जो भी हो लेकिन ऐसा हो जो की पुरे जिले में ही नहीं अपितु प्रदेश में उदाहरण साबित हो..
ऐसे लापरवाह शिक्षकों की शिकायत ना सिर्फ बी ई ओ, डी ई ओ अपितु कलेक्टर, शिक्षामंत्री एवं मुख्यमंत्री से भी करने की तैयारी की जा रही है…
(जल्द ही आप सभी को इन लापरवाह शिक्षकों की सम्पूर्ण जानकारी शिकायत और अधिकारी के वर्जन के साथ प्रस्तुत किया जायेगा…
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