पिथौरा :-छत्तीसगढ़ सरकार पंचायत के विकास के लिए लाखों करोड़ों रुपये का स्वीकृति कर रहा हैं जिससे हर पंचायत में विकास हो सके मुलभुत सुविधा जनता तक पहुंच सके, लेकिन कुछ पंचायत शासन के धन राशि का दुरपुयोग कर नियम को ताख में रख कर 15 वें वित्त जैसे योजनाओं में निजी स्वार्थ को देखते हुए अपने रिस्तेदारों के नाम जोड़कर परिवारिक लाभ देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं दरअसल पुरा मामला ग्राम पंचायत ढोढरकसा का हैं जहाँ सरपंच अपने सगे भाई कृष्णा चरण प्रधान के नाम से वेंडर बता कर राशि आहरण किया और अपने पूरे परिवार को लाभ देकर गाँव को झुनझुना पकड़ा रहा है।आप देख सकते सरपंच किस प्रकार से स्वयं के सगे भाई और सचिव ने अपने परिवार को लाभ दिया है। सचिव के भतीजे मदुसूदन पात्रा के नाम शामिल है

ग्राम पंचायत ढोढरकसा सरपंच के परिवार के पास न ही कोई फर्म है और न तो किसी प्रकार का वेंडर है। सरपंच ने खुद को लाभ पहुँचाने के मंसा से नान वेंडर रहते हुए और अपने पूरे परिवार को वेंडर बता कर फर्जी बिल सम्मिट कर उक्त तथ्य को अंजाम दिया है। जो कि 1993 पंचायती राज अधिनियम के धारा 40 को खुली चुनावती दे रहें हैं।
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