महासमुंद। एनालॉग पनीर के निर्माण एवं विक्रय पर प्रतिबंध के उल्लंघन की आशंका के बीच राजस्व, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड में देर रात दबिश देकर करीब 200 किलोग्राम पनीर जब्त किया। कार्रवाई करीब तीन घंटे तक चली। मामले में पनीर का नमूना जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, संयुक्त टीम रात करीब 12 बजे वैद्य फूड पहुंची। जांच के दौरान संस्थान में मध्यरात्रि के समय पनीर निर्माण किए जाने की स्थिति सामने आई। मौके पर उपलब्ध पनीर की गुणवत्ता और उसके निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद टीम ने लगभग 200 किलो पनीर को जब्त कर लिया।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने पनीर निर्माण की प्रक्रिया, मौके पर मौजूद खाद्य सामग्री और उससे संबंधित आवश्यक दस्तावेजों एवं जानकारियों को भी संकलित किया। इसके बाद संस्थान के सील किए गए कोल्ड स्टोरेज में रखी खाद्य सामग्री की नियमानुसार जांच की गई। पनीर की गुणवत्ता की पुष्टि के लिए उसका नमूना लिया गया और जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है।

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
अभिहित अधिकारी उमेश कुमार के अनुसार, जब्त पनीर का नमूना प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पनीर की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ ही प्रतिबंधित, मिलावटी अथवा मानकों के विपरीत खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण रखना है। खासकर त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग द्वारा जांच और कार्रवाई तेज की जा रही है।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा से समझौता नहीं
खाद्य एवं औषधि प्रशासन का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच में यदि नियमों का उल्लंघन अथवा प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ के निर्माण-विक्रय की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य गुणवत्ता से जुड़े मामलों में जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
