छत्तीसगढ़ में माओवादियों का आतंक, 2 पूर्व सरपंचों, का अपहरण कर उतारा मौत के घाट…
बीजापुरः छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में संदिग्ध माओवादियों ने 2 पूर्व सरपंचों का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के नैमेड़ और भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में संदिग्ध माओवादियों ने पूर्व सरपंच सुखराम अवलम और सुकलु फरसा की अपहरण के बाद हत्या कर दी।
बताया जा रहा है कि कडेर गांव निवासी पूर्व सरपंच अवलम बीजापुर के शांतिनगर में निवास करते थे। वह खेती के काम से अपने गांव कडेर गया हुआ था। वह कडेर से अपने निजी कार्य के लिए करीब के गांव कैका गांव गए हुए थे। जब वह वापस अपने गांव कडेर लौट रहा थे तब 2 अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे और सुखराम को जंगल की ओर ले गए।
इसके बाद माओवादियों ने सुखराम की हत्या कर शव को कडेर-कैका मार्ग पर फेंक दिया। घटनास्थल से माओवादियों की गंगालूर एरिया कमेटी द्वारा जारी पर्चा बरामद किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह की एक अन्य घटना में संदिग्ध माओवादियों ने पूर्व सरपंच सुकलु फरसा की अपहरण के बाद हत्या कर दी।
माओवादियों ने बिरयाभूमि गांव के रास्ते में फरसा का अपहरण कर लिया था। परिजन और बेटी यामिनी फरसा ने सोशल मीडिया में पिता को छोड़ने की अपील की थी, लेकिन बाद में फरसा का शव बरामद किया गया। घटनास्थल से माओवादियों का पर्चा बरामद किया गया है, जिसमें माओवादियों ने फरसा पर भाजपा से जुड़ने का आरोप लगाया है।
बता दें कि इससे पहले छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में पुलिस का जवान शहीद हो गया था। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) नारायणपुर का प्रधान आरक्षक बिरेंद्र कुमार सोरी (36) शहीद हो गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को नारायणपुर जिले से जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के संयुक्त दल को अबूझमाड़ क्षेत्र के सोनपुर और कोहकामेटा थाना क्षेत्र में रवाना किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा दल बुधवार दोपहर बाद एक बजे जब क्षेत्र में था तब माओवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।
