बहुचर्चित चिटफंड घोटाले में सूरजपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. करोड़ों रुपये की निवेश ठगी के मामले में पीएसीएल कंपनी के दो और डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया गया है.

दोनों आरोपियों को कवर्धा जिला जेल से प्रोडक्शन वारंट के जरिए सूरजपुर लाकर पूछताछ की गई.
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कंपनी के अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर लोगों को निवेश पर रकम दोगुनी होने का लालच दिया था. इस झांसे में आकर सूरजपुर जिले के हजारों निवेशकों ने करोड़ों रुपये जमा किए, लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी उन्हें उनकी राशि वापस नहीं मिली.
एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर लंबित चिटफंड मामलों की जांच में तेजी लाई गई है. जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि पीएसीएल कंपनी के डायरेक्टर गुरजंट सिंह गिल उर्फ गुरजन सिंह और गुरूनाम सिंह वर्तमान में कवर्धा जिला जेल में बंद हैं. इसके बाद न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर दोनों आरोपियों को सूरजपुर लाया गया.
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कंपनी के अन्य डायरेक्टरों के साथ मिलकर निवेशकों को आकर्षक रिटर्न और रकम दोगुनी करने का भरोसा देकर निवेश कराया था. बाद में निवेशकों की राशि लौटाए बिना धोखाधड़ी की गई.
पुलिस इससे पहले कंपनी से जुड़े छह अन्य आरोपियों – निर्मल सिंह भंगू, त्रिलोचन सिंह, सुखदेव सिंह, जोगेन्दर टाईगर, गुरमीत सिंह और सुब्रत भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर चुकी है. ताजा गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है.
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और निवेशकों की रकम की वसूली तथा अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.

