सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति का वादा किया गया था. लेकिन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का कुछ अलग ही हाल है.

खड़गवां जनपद पंचायत के ठग्गांव हाई स्कूल में यह वादा सिर्फ कागजों तक सीमित है. ठग्गांव हाई स्कूल में पांच शिक्षक पदस्थ हैं, जिनमें दो बीएड और तीन डीएड योग्यताधारी हैं. इनमें से एक प्रभारी प्राचार्य और चार व्याख्याता हैं. लेकिन, स्कूल में शिक्षा का माहौल नदारद है. मौके पर निरीक्षण के दौरान केवल एक शिक्षिका की उपस्थित पाई गईं.उन्होंने बताया प्रभारी प्राचार्य लंबे अवकाश पर हैं.
DEO ने लिया संज्ञान
एक शिक्षक ने व्हाट्सएप पर छुट्टी का आवेदन भेजा.एक अन्य शिक्षक पालक जनसंपर्क के बहाने अनुपस्थित हैं. दोपहर बाद एक अटैच शिक्षक स्कूल पहुंचे. जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया और जांच टीम को मौके पर भेजा. जांच अधिकारी विजय कुमार पांडे ने स्थिति का जायजा लिया और अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी.
अभिभावकों में नाराजगी, बच्चों के भविष्य पर खतरा
शिक्षकों की गैर-जिम्मेदाराना हरकतों को लेकर अभिभावकों में गहरा आक्रोश है. स्थानीय लोगों ने कहा कि सरकार ने बच्चों के बेहतर भविष्य का वादा किया था, लेकिन शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं. उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में बच्चों का भविष्य खतरे में है. एमसीबी जिले के खड़गवां विकासखंड की दूरस्थ ग्राम पंचायतों में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और शिक्षकों की लापरवाही पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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