कोसीर/ नौ दिनों तक चले शारदीय नवरात्र और दशहरा के बाद शनिवार के शाम को रायगढ़ जिले के सारंगढ़ विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम दहिदा, मल्दा(अ), अंण्डोला,एवं आस पास के क्षेत्रों में शनिवार की शाम तेज हवा बिजली चमक साथ बारिश ने जमकर आफत बरपाया पकने के कगार पर आ चुके धान की फसल को एक घंटे की बारिश ने नष्ट कर दिया है। तेज हवा और बारिश से किसानों के खेत में खड़ी धान की फसल बर्बाद हो गई। यह देख किसानों के चेहरे पर उदासी छा गई है। जब फसल पकने का समय हुआ तो फसल बर्बाद हो रही है किसान संकट मे खेतो मे पानी भर जाने से फसल हो रही बर्बाद हवा और बारिश से खेतो मे पानी भर जाने से धान की फसल पानी में पुरी तरह से डुबा हुआ जिससे धान की फसल सड़ने की संभावना है और धान की दाना जिससे पुरा नही पक पाऐगा किसानों पर आफत डाल दिया है पहले से ही कोरोना महामारी की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों के लिए यह दोहरी समस्या साबित हो रही हैं। बेहतर मानसून से पर्याप्त फसल पाने की आस लगाए किसानों के मंशा पर पानी फिर गया खेती करने वालों में ऐसे भी किसान हैं जिन्होने बैंक से कर्ज लेकर खेती की है। उनके लिए मुख्य आय का माध्यम खेती किसानी ही है। किसानो की कहना है की हर वर्ष इसी समय तेज हवा और बारिश की वजह से खड़ी धान की फसल बर्बाद हो जाती है धान की फसल पकने के मौके पर हो रही बारिश से किसानों को नुकसान हो रहा है। धान की फसल नुकसान के बाद प्रशासन किसानों की सुधि लेने नहीं पहुंचे हैं सरकार सर्वे कराकर उचित मुआवजा देना चाहिए!

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