इस बार अक्षय तृतीया का पर्व 10 मई, शुक्रवार को मनाया जाएगा. हिंदू पंचांग के मुताबिक, वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाता है. अक्षय तृतीया के दिन विशेष वस्तुओं की खरीदारी तथा दान-धर्म का कार्य करना बेहद ही शुभ माना जाता है.
किन्तु, इस दिन सोना खरीदना भी बेहद शुभ बताया गया है. इस बार अक्षय तृतीया बहुत ही विशेष मानी जा रही है क्योंकि इस बार अक्षय तृतीया पर धन योग, गजकेसरी योग, शुक्रादित्य योग, रवि योग एवं सुकर्मा योग का निर्माण होने जा रहा है.

अक्षय तृतीया पूजा विधि:-
अक्षय तृतीया के दिन प्रातः स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ कपड़े पहनें तथा पूजा का संकल्प लें.
एक चौकी पर नारायण एवं माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें.
फिर पंचामृत एवं गंगाजल मिले जल से स्नान कराएं. इसके बाद चंदन एवं इत्र लगाएं.
फिर पुष्प, तुलसी, हल्दी या रोली लगे चावल, दीपक, धूप आदि अर्पित करें.
संभव हो तो सत्यनारायण की कथा का पाठ करें या गीता का 18वां अध्याय पढ़ें. भगवान के मंत्र का जाप करें.इसके अतिरिक्त नैवेद्य अर्पित करें तथा अंत में आरती करके अपनी भूल की क्षमा याचना करें.
अक्षय तृतीया का महत्व
अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी की पूजा का भी विधान है. इस दिन देवी लक्ष्मी की उपासना करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. माता लक्ष्मी के साथ प्रभु श्री विष्णु की पूजा भी अवश्य करें. ऐसा करने से घर में सदैव खुशहाली बनी रहेगी. अक्षय तृतीया के दिन अबूझ मुहूर्त होता है तो इस दिन किया गया हर काम शुभ और फलदायी होता है.
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