प्राइमरी स्कूलों में बीएड डिग्री धारी सहायक शिक्षकों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ के करीब 3000 शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडराने लगा है। हालांकि हाल ही में सीएम साय ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि जल्द ही इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। वहीं, अब सोशल मीडिया पर लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश की एक कॉपी वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा हे कि डीएड वाले सहायक शिक्षकों को डीएलएड करने के लिए छह महीने के लिए समय दिया जाएगा।

आदेश कॉपी के वायरल होने के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, वायरल आदेश कॉपी पर संज्ञान लेते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने मामले की जांच की। वायरल आदेश कॉपी की जांच के बाद ये बात सामने आई कि लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। आदेश की ये कॉपी पुरी तरह फर्जी है।
बता दें कि आदेश में सहायक संचालक के दो जगह हस्ताक्षर हैं, लेकिन दोनों हस्ताक्षर अलग-अलग हैं। वहीं, चुनाव के मद्देनजर देशभर में आचार संहिता लागू है, ऐसे में ये आदेश जारी होने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। इसके अलावा सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट को भी आदेश की कॉपी मार्क की गई है। प्रोटोकॉल की बात करें तो सहायक संचालक क्या, चीफ सिकरेट्री भी हाईकोर्ट को कोई आदेश की कॉपी मार्क नहीं कर सकते।
ज्ञात हो कि हाईकोर्ट ने बीएडधारी शिक्षकों को सहायक शिक्षक पद पर दी गयी नियुक्ति को निरस्त किया है। डीएड वालों को नियुक्ति देने के लिए हाईकोर्ट ने विभाग को आदेशित किया है। हाईकोर्ट ने नियुक्ति के लिए छह सप्ताह का समय दिया गई जो अब तक चार सप्ताह पूरे हो चुके हैं।

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