अस्पतालों में बिल का भुगतान न किये जाने पर कई बार मृतक के शव को ही बंधक बना लिया जाता है यह न केवल मानवीय गरिमा के खिलाफ है बल्कि उस परिवार के लिए भी पीड़ादायक होता है जिसने किसी अपने को खोया हो। अब यदि कोई अस्पतालों ऐसा करता है तो ऐसे अस्पताल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही हो सकती है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) द्वारा शवों की गरिमा के संबंध में निर्देश जारी किये गए है।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा यह निर्देश भी दिया गया है कि, प्राइवेट अस्पताल में इलाज के बाद यदि पेशेंट की मौत हो जाए और उसके शरीर को कोई क्लेम न करे तो ऐसे शव की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यकता अनुसार शीत – संरक्षण (Cold Storage) सुनिश्चित किया जाना चाहिए। दरअसल, कुछ समय पहले शवों के सही से संरक्षण न किये जाने की घटनाये सामने आई थीं जिसके बाद NHRC ने स्वतः संज्ञान लेते हुए निर्देश जारी किये हैं।
NHRC द्वारा जारी निर्देश :
निजी अस्पताल में उपचाररत रोगियों की मृत्यु होने पर परिजनों द्वारा शव प्राप्त न करने तक तथा शव की गरिमामयी एवं आवश्यकता अनुसार शीत-संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
लावारिस शवों के संबंध में सूचना निकट के थाना प्रभारी को देते हुए शव की प्राप्ति तक ऐसे शवों का उचित शीत संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
निजी अस्पताल में मृत्यु होने के पश्चात् परिवार की आवश्यकता अनुसार मृतक के परिवहन हेतु उचित व्यवस्था की जाए। इसके लिए स्थानीय नगरीय निकाय से समन्वय स्थापित कर शव परिवहन की निःशुल्क व्यवस्था भी की जाए।
अस्पताल के बिल का भुगतान न करने पर मृतक के शव को बंधक बनाए जाने की सूचना प्राप्त होने पर विभाग द्वारा संबंधित निजी अस्पताल के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
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