3 दिन में पैसे डबल कर सकता है यह आईपीओ, 224 करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनी, क्या आप करेंगे निवेश?
गुरुवार को खुले मुक्का प्रोटीन्स आईपीओ को निवेशकों का अच्छा समर्थन मिला है. साथ ही इश्यू के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में भी धमाल मचाए हुए है.
ग्रे मार्केट में इश्यू के शेयर 100 फीसदी प्रीमियम (Mukka Proteins IPO GMP) पर ट्रेड कर रहे हैं. पहले दो दिनों में मुक्का प्रोटीन्स आईपीओ 6.97 गुना सब्सक्राइब हुआ है. इस इश्यू के शेयरों के लिए बोली लगाने का कल यानी 4 मार्च को आखिरी दिन है. कंपनी ने बुधवार, 28 फरवरी को एंकर निवेशकों से 67.20 करोड़ रूपए जुटाए.
मुक्का प्रोटीन देश में फिश मील और फिश ऑइल की बड़ी कंपनियों में शुमार है. यह 15 से ज्यादा देशों में फिश मील निर्यात भी करती है. कंपनी फिश मील, फिश ऑइल और फिश सॉल्युबल पेस्ट बनाती है, जो एक्वा फिड, पोल्ट्री फिड और पेट फूड मैन्युफैक्चरिंग का एक जरूरी सामाग्री है. इस समय कंपनी के देश भर में 6 प्लांट चल रहे हैं. वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान ऑपरेशन से कंपनी का रेवेन्यू 53 फीसदी की दर से बढ़ा है. FY22 और FY23 में कंपनी का EBITDA क्रमशः 22 फीसदी और 40 फीसदी की दर से बढ़ा.
224 करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनी
इस आईपीओ के जरिए कंपनी का लक्ष्य 224 करोड़ रुपये जुटाने की है. इश्यू में 8 करोड़ नए शेयर जारी होंगे. मुक्का प्रोटीन्स आईपीओ का प्राइस बैंड (Mukka Proteins Price Band) 1 रुपये फेस वेल्यू पर प्रति इक्विटी शेयर 26 से 28 रुपये के बीच तय किया गया है.
एक लॉट में है 535 शेयर
मुक्का प्रोटीन्स आईपीओ के एक लॉट का साइज 535 इक्विटी शेयर है. रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए बोली लगा सकता है. इसका मतलब है कि खुदरा निवेशक को कम से कम 14, 980 रुपये लगाने होंगे. मुक्का प्रोटीन्स के आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए इश्यू में 50% से ज्यादा शेयर रिजर्व है. गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए 15 फीसदी और रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए 35 फीसदी हिस्सा रिजर्व है.
मुक्का प्रोटीन्स आईपीओ जीएमपी
ग्रे मार्केट में मुक्का प्रोटीन्स आईपीओ के शेयर धमाल मचा रहे हैं. आईपीओ वॉच के अनुसार, इश्यू के अनलिस्टेड शेयर आज 28 रुपये प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं. इश्यू का अपर प्राइस बैंड भी 28 रुपये है. इसका मतलब है कि आईपीओ के शेयर 56 रुपये पर शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो सकते हैं.
हालांकि, हर निवेशक को यह जरूर जान लेना चाहिए कि यह जरूरी नहीं है कि जिस आईपीओ के शेयर ग्रे मार्केट में प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हों, उसकी लिस्टिंग भी शेयर बाजार में प्रीमियम पर हो. इसका उल्ट भी हो सकता है और आईपीओ निवेशकों को लिस्टिंग पर फायदा की बजाय नुकसान भी हो सकता है.
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