राजीव युवा मितान क्लब: 25 हजार कहां खर्च किए…? बता नहीं पा रहे, इसलिए रुका मितान क्लब का बजट….
सरकार ने वार्डों, पंचायतों में सामाजिक, सांस्कृतिक, लोक नृत्य, खेल जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए राजीव युवा मितान क्लब बनवाए हैं। इस क्लब को हर तीन महीने में 25 25 हजार रुपए दिए जाते हैं लेकिन नगर निगम के कुछ वार्डों में मितान क्लब को राशि नहीं मिल पा रही है।
पुरानी राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र (ईसी) पत्र जमा नहीं करने के कारण से अलग बजट नहीं मिल पा रहा है। क्लबों ने किस गतिविधि पर कितना खर्च किया, इसका ब्योरा नगर निगम को नहीं दिया है। १ वार्ड ने वार्डों से ईसी नहीं मिला, जिसके कारण सभी वार्ड में गठित क्लब का फंड रुक गया है। इस स्कीम को शहर से लेकर पंचायत तक चलाई जा रही है।
नगर निगम के कर्मचारियों कहना है कि जब तक सारे वार्डों का ईसी जारी नहीं किया जाएगा, तब तक सारे वार्डों में बजट का आबंटन नहीं हो पाएगा। 48 वार्डों में 9 वार्डों को छोड़ कर बाकी वार्डों ने पिछले साल मितान क्लब को मिले 25 हजार रुपए खर्च कर लिए हैं। वे और राशि मांग रहे हैं लेकिन कुछ वार्डों की ईसी नहीं मिलने से मामला अटक गया है।
3 वार्डों में क्लब का बैंक अकाउंट ही नहीं खुल सका
वार्ड नंबर 19, 39 और 45 में तो अभी तक राजीव मितान क्लब के लिए बैंक खाते तक नहीं खोले गए है । इस वजह से खाते में राशि ट्रांसफर नहीं की जा सकी है। वार्ड नंबर 23, 22, 27, 34,41 ,48, यह सारे वार्डों में पार्षद बीजेपी के हैं। इसी वार्डों में ही ईसी जारी नहीं किया है, लेकिन कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों कहना हैं कि इन वार्डों में विधायक और प्रभारी मंत्री ने कमेटी बनाकर उसका अनुमोदन किया है। वहां क्लब का गठन किया गया है, इसे चलाने वाले कांग्रेस से जुड़े हैं।
2- 3 विधाओं की बजाय एक आयोजन में खर्च
दरअसल राजीव गांधी युवा मितान क्लब में 2- 3 विधाओं के कार्यक्रम कराने थे। अलग अलग विधाएं होनी थी, जैसे खेल, सामाजिक, सांस्कृतिक जैसे कई आयोजन होंने थे लेकिन कई वार्डों में सिर्फ एक ही कार्यक्रम में ही 25 हजार रुपए खर्च कर दिए। अब जब उपयोगिता प्रमाण पत्र देने में परेशानी आ रही है कि वार्डों में युवाओं ने एक ही विधा पर सिर्फ एक कार्यक्रम करा करके वह राशि खर्च कर दी है।
हमने पत्र लिखा है -नगर निगम उपायुक्त
नगर निगम उपायुक्त सुतीक्षण यादव बताया कि जिनका इसी जारी नहीं हो पाया है। उन्हें जल्द ही ईसी देने के लिए कहा है, जिसमें दूसरी किस्त जल्द जारी की जा सके।
