पानी में डूबे 7 वर्षीय बालिका की जान बचाकर अंचल में फिर एक बार चर्चित हुआ श्री राधा कृष्ण हॉस्पिटल सारंगढ़…..
सारंगढ़: नवीन जिला निर्माण के साथ ही श्री राधाकृष्ण हॉस्पिटल नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है इसका प्रमुख कारण मरीज के प्रति पूर्णतः समर्पण भाव से ईलाज है।
क्योंकि बीते दिनों ग्राम सलोनी में एक 7 वर्ष की बालिका बालिका का नाम चाँदनी बरेठ,पिता अनिल बरेठअपने परिजनों के साथ नहाने गई थी उसके साथ उसकी चचेरी बहन भी थी। चूँकि गर्मी में तालाब में पानी कम होने से एक ही पचरी में पानी था उसके बाद सीधा दलदल। बच्ची के परिजन कपड़ा धो रहे थे बच्ची को क्या पता पानी कितना गहरा है वह सीधे गहरे पानी में चली गई जहां वह डूबने लगी ,उसकी मां का ध्यान बच्ची की ओर गया तब वह बच्ची आसपास कहीं दिखाई नहीं दी। फिर तालाब में हड़कंप मच गया लोग तालाब में उतर कर बच्ची को ढूंढने लगे प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो करीब 8 मिनट तक बड़ी मशक्कत के बाद बच्ची को पानी से बाहर निकाला गया फिर तत्काल उसके परिजन बच्ची को लेकर श्री राधाकृष्ण हॉस्पिटल सारंगढ़ ले आए ।
बच्ची के आते ही तत्काल हॉस्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अभयचल झा एवं डॉक्टरों की टीम बच्ची की जान बचाने में जुट गए फिर क्या था – जाको राखे साइयां मार सके न कोय कि कहावत सही सिद्ध हुई और डॉक्टरों की टीम ने महज कुछ घंटे में ही बच्ची को होश में ले आए और परिजनों को यह सूचना दी ,कि अब बच्ची को कोई खतरा नहीं है तो उनके हर्षोल्लास का ठिकाना ही नहीं रहा। क्योंकि उसी समय परिवार की ही एक अन्य बच्ची की डूबने से मौत हो चुकी थी जो हॉस्पिटल तक पहुँच नहीं पाये थे ।
बच्ची को सकुशल देख परिजन हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम को तहे दिल से दुआएं दी और गांव वालों ने भी श्री राधाकृष्ण हॉस्पिटल और डॉक्टरों की टीम को धन्यवाद कहा।
क्या कहती हैँ हॉस्पिटल संचालक डॉ निधु दिनदयाल साहू –
हॉस्पिटल संचालक डॉ निधु दिनदयाल साहू ने कहा कि जब से श्रीं राधा कृष्णा हॉस्पिटल रानीसागर सारंगढ़ में खुला है तब से ऐसे ही हज़ारों मरीजों को काल के ग्रास में समाने से बचा लिया गया है यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है हमारे चिकित्सकों की टिम दिन रात मरीज़ों की जान बचाने की कोशिश में लगे रहते है जो इस क्षेत्र की जनता के लिए वरदान से कम नहीं हैl

