केलो पार्क की प्लानिंग के समय बांध से छोड़े जाने वाले पानी का रखा गया है ध्यान-पी डी अग्रवाल
रायगढ़, केलो पार्क के 2 साल बाद भी लोकार्पण नहीं होने एवं बारिश में नुकसान होने संबंधी समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के संबंध में कार्यपालन अभियंता केलो परियोजना पी.डी.अग्रवाल ने बताया कि केलो बांध स्थल के नीचे परिक्षेत्र में चारों तरफ सौंदर्यीकरण, पर्यावरणीय एवं इकोलाजी पुराने व्यवस्था सहित विकास कार्य की स्वीकृति छ.ग.शासन जल संसाधन मंत्रालय द्वारा 12 सितम्बर 2016 को जारी आदेश के अनुसार 680.47 लाख की प्रदाय की गई थी, जिसके तहत केलो बांध के नीचे पुराने केलो नदी का सौंदर्यीकरण बोट कैफेटेरिया, आइसलैण्ड, परोडा, स्टेच्यू, लैण्डस्केपिंग, ग्रीन ग्रास, फूलों के पौधे, प्लान्टेशन, इलेक्ट्रीफिकेशन, पाइप लाईन आदि निर्माण का कार्य ठेकेदार ग्रीन एड लैण्डस्केप प्रा.लि.नई दिल्ली के माध्यम से कराया गया है। ठेके की राशि 681.84 लाख है। जिसमें ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य के उपरांत 5 वर्ष तक उक्त पर्यावरणीय कार्य का मेन्टेनेन्स भी शामिल है। पुराने केलो नदी में सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया है।
पार्क के प्लानिंग के समय बांध से छोड़े जाने वाले जल का पूर्ण ध्यान रखा गया है। इसलिए पुराने केलो नदी के बेड वाले क्षेत्र में जहां बैकवाटर का भराव होता है वहां कोई पेड़ पौधे नहीं लगाए गए है। उस स्थान पर सीमेंट कांक्रीट या फाइबर का कार्य करवाया गया है जो कि पानी में खराब नहीं होता है। उस स्थल पर वर्षाकाल में कभी-कभी बांध से अत्यधिक जल छोड़े जाने पर सीमित समय के लिए 2 मीटर तक पानी का भराव होता है। उससे पार्क के हिस्से को कोई हानि नही होती है तथा उक्त स्थल पर बैकवाटर का भराव होने पर पार्क के अन्य हिस्सों में भी पार्क के पेड़ पौधे, क्यारियां, स्टेच्यू आदि को कोई नुकसान नहीं होता है। बैक वाटर से पार्क में कोई आईलैण्ड नहीं डूबा है। वर्षा ऋतु में उक्त स्थान पर घास उग जाती है तथा उसे वर्षा काल के पश्चात ठेकेदार द्वारा साफ करवाया जाता है। वर्षा काल के पश्चात शेष 8 माह में उक्त स्थान पर बांध का जल भरकर रखा जाता है। जिससे की पार्क की खूबसूरती बढ़ जाती है। पार्क का कोई भी हिस्सा नहीं उजड़ा है। वर्षा ऋतु में सजावटी, कीमती एवं आर्टीफिशियल वस्तुओं को खराब होने से बचाने के लिए तारपोलिन से ढका जाता है। पार्क का मेटेनेन्स कार्य ठेकेदार द्वारा प्रतिदिन किया जाता है।
पार्क फेस-1 का लोकार्पण 25 जनवरी 2017 को हो चुका है, चूंकि पार्क फेस-2, पार्क फेस-1 का विस्तार मात्र है इसलिए विभाग द्वारा पार्क फेस-2 के अलग से लोकार्पण करने की कोई आवश्यकता नहीं समझी गई। पार्क में प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक आते है शनिवार, रविवार एवं अन्य छुट्टियों के दिन यह संख्या एक हजार तक पहुंच जाती है तथा पार्क के मनोरम दृश्यों का आनंद उठाते है। इस पार्क के बनने से रायगढ़ वासियों एवं आसपास के नागरिकों के लिए पर्यटन स्थल विकसित हो गया है तथा पिकनिक इत्यादि के लिए पहली पसंद बना हुआ है।
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