धान खरीदी व मिलर्स द्वारा धान उठाव ने रचा इतिहास….
सारंंगढ़ । जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ धान उपार्जन केंद्र की संख्या 80 है । इन उपार्जन केंद्रों के द्वारा 02 दिसंबर 2022 से धान खरीदी आरंभ की । 31 जनवरी 2023 के बाद छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धान खरीदी बंद कर दी गई । उपार्जन केंद्रों से खरीदी के साथ ही साथ राइस मिलर्स को डीओ जारी किया गया ।एक तरफ धान खरीदी चालू थी तो दूसरी ओर धान का उठाव युद्ध स्तर पर हो रहा था । जिसके परिणाम स्वरूप 15 फरवरी के भीतर किसी भी धान उपार्जन केंद्र में शेष धान की मात्रा , बचत धान की मात्रा नहीं रहेगा । फूड ऑफिसर चित्रकांत ध्रुव के द्वारा प्रेस को बताया गया कि – धान खरीदी का लक्ष्य शासन द्वारा रखा गया था जिसकी मात्रा 326920,00 था । जिसके एवज में कुल खरीदी अभी तक 330717. 80 रही । लक्ष्य से अधिक धान की शेष मात्रा 3797,80 रहा । मिलर द्वारा उठाए गए धान की मात्रा 3262 10 96 कुल प्रतिशत 98 . 64 रहा ।वही शेष मात्रा 4506.84 जो सप्ताह भर के भीतर उठाव हो जाएगा । जिसमें मोटा धान 1218. 21सरना 3288.63 शेष बचा है । जिसके लिए मिलर को डी ओ जारी कर दी गई है ।

जिला कलेक्टर डॉ सिद्दकी के निर्देश पर जिला खाद्य अधिकारी चित्रकांत ध्रुव ने बताया कि -82 धान उपार्जन केंद्रों में 81255 किसानों के द्वारा पंजीयन करवाया गया था । जिसमें धान बेचने वाले किसानों की संख्या 78581 रही । कुल शेष धान बेचने वाले किसानों की संख्या 2674 रहा । जिन किसानों के द्वारा धान का विक्रय निर्धारित तिथि तक नहीं किया जा सका , शासन द्वारा जारी की गई टोकन जिसकी संख्या 91936 रही , जिसमें 89999 किसानों ने अपने टोकन के माध्यम से धान का विक्रय किया । जिसमें 1675 किसान धान बेचने नहीं आए । धान में आद्रता होने के कारण 136 किसान धान नहीं बेच पाए । धान की क्वालिटी अच्छी ना होने के कारण 26 किसान धान बेचने से चुके , वही 23 ऐसे किसान थे जो अन्य दिनांक में आने का टोकन कटा पर नहीं आ पायें थे । वहीं अन्य कारणों से 65 किसान अपना धान विक्रय नहीं कर पाए । कुल निरस्त टोकन 1925 रहा । ध्रुव ने बताया कि – मोटा धान 96196.96 , सरना धान 234520.84 खरीदी की गई । कुल खरीदी 330717. 80 धान खरीदी गई। कुल खरीदी लक्ष्य के विरुद्ध खरीदी का प्रतिशत 101.16 रहा ।
जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ कलेक्टर और पुलिस कप्तान के अथक प्रयास से धान खरीदी केंद्रों में उड़ीसा क्षेत्र के धान पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है । वही क्षेत्र में कोचियों और बिचौलियों का धान , धान खरीदी केंद्रों में न खपें इसकी भी विशेष रुप से निगरानी की जा रही है । कोई भी कोचिया, बिचौलियाँ का धान या फिर उड़ीसा क्षेत्र का धान, धान खरीदी केंद्र तक न पहुंचे इसके लिए जिला प्रशासन की पैनी नजर लगी हुई है । साथ ही साथ कलेक्टर महोदय के निर्देश पर किसी भी किसानों को कोई परेशानी धान खरीदी केंद्र में ना हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ।
राज्य सरकार द्वारा धान उपार्जन की बेहतर व्यवस्था के चलते किसानों को अब धान बेचने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा । धान खरीदी के समानांतर मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी जारी रहा । राज्य सरकार द्वारा धान बेचने वाले किसानों को सुविधा के लिए टोकन तुहर हाथ एक नया ऐप बनाया गया है । इसके जरिए किसान ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर रहे हैं । किसानों को मैनुअल तरीके से भी अग्रिम में टोकन दिया जा रहा है , जिसके चलते किसानों से धान उपार्जन सुगमता से हो रहा है । इस वर्ष धान ₹2040 प्रति क्विंटल तथा ग्रेड वन धान ₹2008 प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा गया है । यह जानकारी जिला खाद्य अधिकारी चित्रकांत ध्रुव ने दी है ।
खाद्य अधिकारी चित्रकांत ने यह भी बताया कि – जिले के सबसे बड़े धान खरीदी केंद्र और धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी की शिकायत वाले धान खरीदी केंद्रों पर शासन की विशेष नजर रही व धान खरीदी केन्द्र पर ऑफिस एवं परिसर पर सीसी कैमरे लगाए गए हैं । जिसके सु परिणाम सामने आया । 6 फरवरी तक 12 धान खरीदी केंद्रों में 0% शॉर्टेज प्रदान करते हुए अपने सोसाइटी में खरीदी गई धान , सारी की सारी कस्टम मिलिंग के लिए राईस मिलर्स को डीओ के माध्यम से वितरण किया जा चुका है । जिसमें मुख्य रुप से धान उपार्जन केंद्रों में केडा़र, भड़िसार , कनकबीरा, कुम्हारी, कालाखूंटा, तौंसीर, नगरदा, परसदा बड़े, बरमकेला, बुंदेली,बार, रामपुर खरीदी केंद्रों से धान पूरी तरह से उठकर डीओ के माध्यम से राइस मिलर्स को दिया जा चुका है । यह पहली बार हुआ है कि धान में कमी नहीं आयी और नहीं मौसम के चलते धान सोसाइटी परिसर पर खराब होने की शिकायत मिली है । जिसके लिए जिला कलेक्टर डॉ सिद्दीकी बधाई के पात्र हैं साथ ही साथ उनकी खाद्य विभाग की टीम , नाआनिगम की टीम , डीएमओ हेमप्रभा यादव की कार्यशैली का तारीफ किया जा सकता है ।
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