केन्द्र सरकार ने आमजन के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया हुआ है. इन्हीं में निक्षय पोषण योजना( Nikshay Poshan Yojana) भी एक है. योजना के तहत टीबी से ग्रसित लोगों को 500-500 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है.

धनराशि मरीज के सीधे खाते में भेजी जाती है. निक्षय पोषण योजना( Nikshay Poshan Yojana) को शुरु करने के पीछे आर्थिक रूप से पिछड़े टीबी के मरीजों को पोषण के लिए कुछ आर्थिक मदद करना था. लेकिन जानकारी के अभाव में पात्र लोग आज भी .योजना से वंचित हैं..
नहीं मिल पाता पोष्टिक आहार
दरअसल, निक्षय पोषण योजना (Nikshay Poshan Yojana 2023) देश के ऐसे गरीब लोगों के लिए है, जिन पर टीबी जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए तो दूर चिकित्सक द्वारा बताए गए परहेज के भी पैसे नहीं होते. आपको बता दें कि खासकर टीबी में जितनी जरूरी दवाई होती है. उससे भी ज्यादा जरूरी पोष्टिक आहार होता है. लेकि परहेज न करने के चलते देश में सैकड़ों टीबी के मरीज दम तोड़ देते हैं. समस्या को गंभीरता से लेते हुए केन्द्र की मोदी सरकार ने निक्षय पोषण योजना की शुरुआत की थी. जिसकी वजह से आज सैंकड़ों टीबी के मरीज अपना पोष्टिक आहार ले रहे हैं.
13 लाख मरीजों को शामिल करने का लक्ष्य
जानकारी के मुताबिक देश के लगभग 13 लाख टीबी के मरीज़ो को योजना के तहत शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है. ताकि देश में टीबी से होने वाली मौतों में कमी आ सके. टीबी के आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के खाते में सरकार प्रतिमाह योजना के तहत 500 रुपए क्रेडिट करती है. इसके लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों की जरूरत होती है. स्कीम के लिए आवेदन ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों प्रकार से किया जा सकता है.
ये है आवेदन का तरीका
सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक निक्षय पोषण योजना (Nikshay Poshan Yojana 2023) का लाभ केवल वे मरीज ही उठा सकते हैं जिनका उपचार चल रहा है. यदि आप पात्र हैं तो निक्षय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आपके पास बीपीएल कार्ड होना जरूरी है. आवेदक के पास विशेषज्ञ चिकित्सक द्रारा प्रमाणित किया हुआ प्रमाणपत्र, बैंक एकाउंट की डिटेल(पासबुक) साथ ही चिकित्सक का डाइट चार्ट होना आवश्यक है.
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