आधुनिकता की इस अंधी जिद ने लोगों को कहां पहुंचा दिया? ऊंची-ऊंची इमारतें, फैक्ट्रियों की वजह से तापमान ने जो करवट ली है उसने यूरोप को अपने चपेट में ले लिया है. आलम ऐसा है कि स्पेन, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड्स फ्रांस सहित यूरोप के कई अन्य देशों में हाहाकार मचा हुआ है, यूनाइटेड किंगडम में जून का सबसे ज्यादा तापमान 36.1°C तक बढ़ गया.

इस साल भी यूरोप के कई देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया. फ्रांस समेत कई देशों में रेड अलर्ट जारी करना पड़ा. कई जगह स्कूल बंद कर दिए गए, सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हुआ और अस्पतालों पर मरीजों का दबाव बढ़ गया. ब्रिटेन में जून का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जबकि स्पेन, पुर्तगाल, बेल्जियम, नीदरलैंड और जर्मनी में भी रिकॉर्ड गर्मी देखने को मिली.
हजार से ज्यादा मौतें
अकेले फ्रांस में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कई लोग गर्मी में डुबकी लगाने की कोशिश कर रहे थे और इसमें डूब कर उनकी मौत हो गई. मौसम में ये परिवर्तन ग्लोबल समुद्र की सतह के टेम्परेचर के फिर से रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचने के कुछ दिनों बाद हुआ है. बदलते हुए हालात ने एल नीनो को एक्टिव घोषित कर दिया है, जिससे ऑस्ट्रेलिया, एशिया और साउथ पैसिफिक में एक गर्म, सूखा साल होने की संभावना बहुत ज्यादा हो गई है.
अचानक बदला मौसम
यूरोप में, साल का सबसे गर्म समय जुलाई के बीच से आखिरी तक आता है, जो समर सोल्सटिस के लगभग एक महीने बाद होता है. हालांकि, हाल की रिसर्च से पता चलता है कि तेज गर्मी के तनाव वाले दिन अब जून में आने लगे हैं.1950 के बाद से, सिर्फ एक और बड़ी हीटवेव मौजूदा हीटवेव से पहले आई है, जो यूरोप में गर्मी के पीक से कुछ हफ्ते पहले आ रही है.
क्या कहती है रिपोर्ट
टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक एक स्टडी में जून 2025 में दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में आई हीटवेव की जांच की गई. इसमें पाया गया कि इंसानों के बनाए ग्रीनहाउस गैस एमिशन के असर के बिना, ऐसी हीटवेव हर 50 साल में सिर्फ एक बार आती है लेकिन जब रिसर्चर्स ने इंसानों के किए गए क्लाइमेट चेंज की वजह से तापमान में 1.3°C की बढ़ोतरी को ध्यान में रखा, तो यह कम से कम हर पांच साल में एक बार हो गई.
सबसे ज्यादा रहा तापमान
पूरे देश में एवरेज टेम्परेचर 29.9°C है. मंगलवार को, फ्रांस के 147 शहरों में जून का अब तक का सबसे ज्यादा टेम्परेचर रहा, जिसमें 41 लोकल वेदर स्टेशनों ने 43°C से ज्यादा टेम्परेचर रिकॉर्ड किया. नेशनल एवरेज टेम्परेचर 21.6°C था. रात भर की गर्मी कुछ नदियों को इतना गर्म करने के लिए काफी थी कि उनका इस्तेमाल न्यूक्लियर पावर प्लांट को ठंडा करने के लिए सुरक्षित रूप से नहीं किया जा सका.
पीक पर पहुंच जाएगी हीटवेव
स्पेन ने भी दिन और रात के कई रिकॉर्ड बनाए, जिसमें एक जगह पर लगातार तीन रातें 30°C या उससे ज्यादा रहीं स्पेन के कुछ हिस्सों में टेम्परेचर 45°C को पार कर गया है. पश्चिमी यूरोप की बात करें तो इस हफ्ते के बीच में हीटवेव के पीक पर पहुंचने और फिर पूरब की ओर बढ़ने की उम्मीद है, और अनुमान है कि पोलैंड और जर्मनी वीकेंड में इसका सबसे ज्यादा असर झेलेंगे. मौजूदा हालात काफी ज्यादा कठिन है, यहां पर पटरी तक पिघल गई.


