सारंगढ़-बिलाईगढ़। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेभर में हेपेटाइटिस के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हेपेटाइटिस एक गंभीर और “साइलेंट डिजीज” है, जो लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए समय पर जांच, उपचार और टीकाकरण बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए तथा विशेष रूप से हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए। बीमारी से बचाव के लिए केवल सुरक्षित रक्त ही चढ़वाएं, हमेशा नई एवं डिस्पोजेबल सुई का उपयोग करें, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें और चिकित्सकीय सलाह के बिना किसी भी इंजेक्शन या दवा का उपयोग न करें। साथ ही स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवनशैली अपनाना भी जरूरी है।
डॉ. वैष्णव ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को पीलिया, अत्यधिक थकान, भूख कम लगना या लंबे समय तक पेट संबंधी परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। समय पर पहचान और उपचार से हेपेटाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
उन्होंने कहा कि “हेपेटाइटिस की समय पर पहचान, जांच, उपचार और टीकाकरण से इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है। जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।” जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से स्वयं जागरूक बनने और अपने परिवार व समाज को भी हेपेटाइटिस से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

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