छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में चार डाक्टरों व तीन पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनपर लापरवाही का आरोप है जिसके कारण 10 माह के बच्चे की जान चली गई है।

छत्तीसगढ़ स्थित दुर्ग के प्राइवेट हॉस्पिटल के डाक्टरों और पैरामेडिकल के तीन स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगा है। दरअसल, अस्पताल में सर्दी जुकाम के इलाज के लिए मात्र 10 महीने के बच्चे को भर्ती कराया गया लेकिन इलाज में लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हो गई।

17 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती हुआ था बच्चा
17 अक्टूबर को सर्दी जुकाम की शिकायत के साथ दस माह के शिवांश वर्मा (Shivansh Verma) को ओल्ड भिलाई एरिया में सिरसा गेट स्थित सिद्धि विनायक अस्पताल (Siddhi Vinayak Hospital) में भर्ती किया गया। मासूम का अस्पताल में इलाज जारी था लेकिन 31 अक्टूबर को बच्चे ने दम तोड़ दिया।
जांच के लिए टीम का गठन
छावनी सिटी के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस प्रभात कुमार ने कहा, ‘देवबालोदा गांव के निवासी बच्चे के दादा (grandfather) महेश वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई। इसमें डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया गया। इसके बाद मामले की जांच के लिए दुर्ग के चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर जेपी मेशराम ने स्वास्थ्य अधिकारियों की एक टीम गठित की।’
मामले की जांच के बाद सामने आई डाक्टरों की लापरवाही
जांच करने वाली टीम ने सिद्धि विनायक हॉस्पिटल के डॉक्टर समित राज प्रसाद, डॉक्टर दुर्गा सोनी, डॉक्टर हरिराम यादु और डॉक्टर गिरिश साहु समेत तीन पैरामेडिकल स्टाफ विभा साहु, आरती साहु और निर्मला यादव की लापरवाही बताई।
जांच के बाद टीम द्वारा पेश रिपोर्ट के अनुसार, सात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 ए (causing death by negligence)के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। हालांकि अब तक इनमें से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। CMHO डॉक्टर मेशराम ने बताया, ‘ अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद कर दिया गया है और इसके प्रबंधन पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।’
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