रायगढ़। ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्र की तस्वीर बदल जाती है। अगर वही काम अधूरे हों तो सब उल्टा हो जाता है। प्रदेश के पंचायतों में अधूरे कामों की गिनती हो तो रायगढ़ जिला अव्वल नंबर पर है। यह बात विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़े बता रहे हैं। विधानसभा सत्र के दौरान प्रश्न पूछा गया कि प्रदेश की पंचायतों में कितने कार्य अधूरे हैं। 1 अप्रैल 2021 की स्थिति में आंकड़ा मांगा गया था। जिलेवार सूची में सबसे ज्यादा अधूरे कामों में रायगढ़ सबसे आगे मिला। प्रदेश में 49 , 375 कार्य अपूर्ण थे जिसमें सबसे ज्यादा 4782 काम रायगढ़ के थे।

इतनी बड़ी संख्या में काम अधूरे रहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत ज्यादा असर पड़ा है। आवंटन के बाद सही मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण काम की गति धीमी हो गई। हर योजना में नंबर वन पर रहने वाला रायगढ़ जिला अपूर्ण कामों के मामले में भी बाजी मार गया है। जिला पंचायत और जनपद पंचायतों में लचर कार्यप्रणाली के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं । रायगढ़ के बाद दूसरे स्थान पर सूरजपुर 3822 , कोरिया 3464 और सुकमा 3191 हैं।
गांवों में संसाधनों का विकास पिछड़ा
रायगढ़ अधूरे कामों के कारण पहले स्थान पर है। इसकी वजह ग्रामीण क्षेत्रों में गौठानों के अलावा दूसरे कामों पर फोकस नहीं होना है। विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों ने जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के बीच सामंजस्य की कमी को दिखाया है। गांवों में संसाधन विकास के कार्य पिछड़ गए हैं। मनरेगा से भी ज्यादातर फंड गौठानों में दे दिया गया।
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