रायगढ़। गाताडीह सोसायटी में किसानों के बिना सहमति के उनके खाते में ऋण दर्ज कर गड़बड़ी करने के मामले में हुई शिकायत की जांच अधिकारी दबाकर बैठे हुए हैं। जांच के लिए आदेश जारी होने के करीब एक माह बाद भी जांच जांच रिपोर्ट का पता नहीं है।
धान खरीदी समाप्त होने के बाद गाताडीह सोसायटी के करीब ३० से अधिक पंजीकृत किसानों ने शिकायत किया था कि सोसायटी के पदाधिकारी उनके बगैर सहमति के उनके खाते में ऋण दर्ज करा दिए हैं। इस बात की जानकारी किसानों को तब मिली जब धान विक्रय करने के बाद उसका राशि उनके खाते में आया। इसमें ऋण की राशि का समायोजन किया गया था जिसके बाद किसानों ने पता किया तो पता चला कि उनके खाते में ऋण दर्ज था। जिसके बाद किसानों ने एसडीएम व कलेक्टर से मामले की शिकायत किया। शिकायत पर कलेक्टर व एसडीएम ने जांच के लिए निर्देश दिया। इस मामले में अब तक जांच रिपोर्ट का अता-पता नहीं है। बताया जा रहा है कि पिछले सप्ताह समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने इस मामले के बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है लेकिन इसके बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है।

एक दूसरे पर थोप रहे अधिकारी–
इस मामले को लेकर प्रभारी उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं से चर्चा की गई तो उन्होने अपैक्स बैंक के अधिकारियों से जांच प्रतिवेदन न मिलने की बात कही तो वहीं अपैक्स बैंक के अधिकारियों से चर्चा किया गया तो सारंगढ़ ब्रांच से जानकारी न मिलने की बात कही गई।
वर्सन-
अपैक्स बैंक से जांच प्रतिवेदन नहीं मिल पाया है। जांच प्रतिवेदन के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
एआर गौंड़, प्रभारी उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं

