सारंगढ़। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सारंगढ़ में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर गुरु वंदना और भारतीय संस्कृति के संस्कारों से ओतप्रोत नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य, कन्या भारती, किशोर भारती एवं बाल भारती के अध्यक्षों द्वारा मां सरस्वती एवं गुरु परंपरा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय की दीदियों, आचार्यों एवं विद्यार्थियों ने गुरु की महिमा, भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व तथा उनके आदर्शों पर प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि अपने ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। गुरु के सान्निध्य में ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव होता है और उनका आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य ने विद्यार्थियों को गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता बताते हुए अपने गुरुओं के प्रति सदैव सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकते हैं।
अंत में प्राचार्य ने सभी विद्यार्थियों को आशीर्वचन प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा गुरु पूर्णिमा के इस प्रेरणादायी कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। पूरे आयोजन का वातावरण श्रद्धा, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से परिपूर्ण रहा।





