जगन्नाथ बैरागी

रायगढ़:- तीन दिन में 33 बच्चों के संक्रमित होने से एक डर का माहौल व्याप्त हो गया है। इसी बीच कोविड डेडिकेटेड अस्पताल में दो बच्चे भर्ती कराए गए हैं। पिछले तीन दिन में 33 बच्चों के संक्रमित होने पर तीसरी वेव को लेकर चर्चा शुरू हो गई लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि तीसरी लहर जैसा कुछ नहीं है। बच्चे मां-पिता के संक्रमित होने और उनसे संपर्क के कारण वायरस की चपेट में आए हैं। पहली और दूसरी लहर में भी बच्चे संक्रमित हुए थे ।
एमसीएच में भर्ती बच्चों में एक 3 साल का और दूसरा 11 महीने का है। शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी माताओं के पॉजिटिव आने के बाद बच्चे संक्रमित हुए हैं। बच्चों की तबीयत बिगड़ने के साथ डायरिया हुआ। बच्चों की अटेंडेंट के बतौर मां को अस्पताल के जनरल वार्ड में रखा गया है। बड़ी उम्र के मरीजों और गंभीर लोगों को फिलहाल एमसीएच में भर्ती नहीं किया जा रहा है। ऐसे लोगों को मेडिकल कॉलेज वाली यूनिट में शिफ्ट किया जा रहा है। एमसीएच हॉस्पिटल में शिशु रोग विशेषज्ञ के साथ नर्सिंग स्टाफ को भी तैनात किया गया है। बच्चों के पास 24 घंटे एक नर्सिग स्टाफ वहां तैनात रहते है। ये सीनियर डॉक्टर्स से गाइडलाइन लेकर ही बच्चों का इलाज करते हैं।
डॉक्टर बोले: मां व पिता से मिला है वायरस, नहीं है तीसरी लहर-
गुरुवार को सबसे अधिक 14 बच्चे हुए थे संक्रमित डीपीएम डॉ योगेश पटेल ने बताया कि पहले भी बच्चे पॉजिटिव आ रहे थे। थर्ड वेव जैसा अभी कुछ नहीं है लेकिन जिले में इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। तीन दिन में 33 बच्चे संक्रमित मिले हैं, इनमें सबसे अधिक गुरुवार को 14 बच्चे मिले थे।
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