सारंगढ़। जिले में पशु संरक्षण को प्रभावी बनाने और निराश्रित मवेशियों की समस्या के समाधान को लेकर कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने सख्त रुख अपनाया है। जिला स्तरीय पशु क्रूरता निवारण समिति (SPCA) की बैठक में उन्होंने पशुओं के साथ क्रूरता, मारपीट और अमानवीय व्यवहार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुओं के प्रति हिंसा और लापरवाही के मामलों में नियमों के अनुरूप कदम उठाए जाएं तथा पशु कल्याण के लिए सभी संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें।
बैठक में सड़कों पर खुलेआम घूम रहे बेसहारा मवेशियों की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि निराश्रित मवेशियों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय नगरीय निकायों और पशुधन विकास विभाग को आपसी समन्वय के साथ मवेशियों के समुचित प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जोर दिया कि सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी से आम नागरिकों और पशुओं, दोनों की सुरक्षा प्रभावित होती है, इसलिए इस दिशा में प्रभावी पहल जरूरी है।
कलेक्टर श्रीमती साहू ने घायल, बीमार और सड़क दुर्घटनाओं में चोटिल पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे पशुओं की पहचान कर उनके उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही पशुओं के परिवहन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन कराया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। कलेक्टर ने वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि पशु संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पशु कल्याण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पुलिस, वन विभाग, नगरीय निकाय, शिक्षा विभाग और पशुधन विकास विभाग को मिलकर काम करना होगा। सभी विभागों के संयुक्त प्रयासों से ही पशुओं के प्रति क्रूरता पर अंकुश लगाने और निराश्रित मवेशियों की समस्या का प्रभावी समाधान करने में मदद मिलेगी।
कलेक्टर ने स्कूलों और आम नागरिकों के बीच पशु संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना और उनके साथ मानवीय व्यवहार को बढ़ावा देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूकता के माध्यम से लोगों को पशु संरक्षण, घायल पशुओं की सहायता और पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने के प्रति प्रेरित किया जाना चाहिए।
बैठक में उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, डीएसपी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ), जिला शिक्षा अधिकारी, गौसेवा आयोग के जिला अध्यक्ष सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पशु संरक्षण, निराश्रित मवेशियों के प्रबंधन, घायल पशुओं के उपचार और जनजागरूकता से जुड़े विषयों पर विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।
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