सारंगढ़। जिला मुख्यालय में आयोजित 26वीं राज्यस्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह में आमंत्रण नहीं मिलने को लेकर अधिवक्ता संघ में भारी आक्रोश देखने को मिला है। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने इसे अधिवक्ताओं का अपमान बताते हुए जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सारंगढ़ को जिला बनाने के आंदोलन में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका रही है। इसके बावजूद जिला मुख्यालय में आयोजित इतने बड़े राज्यस्तरीय आयोजन में अधिवक्ता संघ को आमंत्रित नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना है कि जिला निर्माण में योगदान देने वाले अधिवक्ताओं का सम्मान किया जाना चाहिए था।
इधर, कार्यक्रम में प्रोटोकॉल की कथित अनदेखी को लेकर सारंगढ़ विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे सहित कांग्रेस के कई जनप्रतिनिधियों द्वारा कार्यक्रम के बहिष्कार किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जनप्रतिनिधियों को मंच पर उचित स्थान नहीं दिए जाने से नाराजगी बनी।
पूरे मामले को लेकर अधिवक्ता संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई है। संघ ने मांग की है कि भविष्य में जिला एवं राज्यस्तरीय आयोजनों में अधिवक्ताओं, जनप्रतिनिधियों तथा सभी सम्मानित वर्गों को उचित सम्मान दिया जाए और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।
अधिवक्ता संघ ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समाज के विभिन्न वर्गों की गरिमा और सम्मान बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस घटनाक्रम के बाद जिले में आयोजित होने वाले सरकारी कार्यक्रमों में आमंत्रण और प्रोटोकॉल व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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