सारंगढ़। जिले में आम लोगों और स्कूली बच्चों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू एवं सीएमएचओ के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने सारंगढ़ और बिलाईगढ़ क्षेत्र में दूध, दूध से बने उत्पादों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान कई स्थानों से दूध के नमूने लिए गए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इसके अलावा स्कूलों में बच्चों को परोसे जा रहे मध्यान्ह भोजन की भी जांच की गई। टीम ने भोजन के नमूने लेकर लैब परीक्षण के लिए भेजे हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग द्वारा जिले में एनालॉग पनीर और अन्य संदिग्ध खाद्य पदार्थों के उपयोग पर भी निगरानी रखी जा रही है। विभिन्न होटल, मिठाई दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं। कारोबारियों को मानक स्तर की सामग्री का ही उपयोग एवं विक्रय करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के दौरान उपभोक्ताओं को भी जागरूक किया जा रहा है। विभाग ने लोगों से पैकिंग पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और अन्य जरूरी जानकारी देखकर ही खाद्य सामग्री खरीदने की अपील की है। वहीं खाद्य कारोबारियों को बिना पंजीयन व्यवसाय संचालित नहीं करने की चेतावनी दी गई है।
इसी कड़ी में बिलाईगढ़ तहसील में खाद्य पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया, जहां 165 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए और उनका मौके पर ही निराकरण किया गया। विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ खाद्य कारोबारियों को नियमों के प्रति जागरूक करना भी है।
जांच दल में अभिहित अधिकारी भारत भूषण पटेल, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नेमीचंद पटेल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुमन पटेल, वरुण पटेल एवं कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल साहू शामिल रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य गुणवत्ता और स्कूली बच्चों के भोजन की सुरक्षा को लेकर जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।

