नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उम्र से जुड़ी कथित गलत जानकारी और दस्तावेजों में विसंगतियों के मामले में बंगाल के लेग स्पिनर रोहित यादव पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। हैरानी की बात यह है कि कुछ सप्ताह पहले ही रोहित का चयन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज के लिए भारत की अंडर-19 टीम में हुआ था। अब दस्तावेजों की जांच में सामने आई गड़बड़ियों के बाद उनके क्रिकेट करियर को बड़ा झटका लगा है।
रोहित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और जुलाई में भारत की अंडर-19 टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भी गए थे। इस दौरे में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह विकेट हासिल किए और टीम को अंतिम टेस्ट मुकाबला जीतने में अहम योगदान दिया था। बीसीसीआई के एक सूत्र ने भी रोहित पर दो साल का प्रतिबंध लगाए जाने की पुष्टि की है।

तीन जन्म प्रमाणपत्रों ने बढ़ाई मुश्किल
श्रीलंका दौरे के दौरान खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच में रोहित की जन्मतिथि को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आईं। जांच में उनके पास जन्म वर्ष 2007, 2009 और 2010 दर्ज अलग-अलग प्रमाणपत्र पाए जाने की बात सामने आई है। इतना ही नहीं, उनके आधार रिकॉर्ड में भी जन्म वर्ष को लेकर अलग-अलग जानकारी दर्ज मिली।
बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) के रिकॉर्ड में रोहित का जन्म वर्ष 2007 दर्ज था। वहीं आधार रिकॉर्ड में अलग-अलग समय पर जन्म वर्ष में बदलाव किए जाने की जानकारी सामने आई। इन रिकॉर्डों के बीच अंतर इतना अधिक पाया गया कि रोहित की आयु वर्ग की क्रिकेट में पात्रता पर ही सवाल खड़ा हो गया।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज से पहले बड़ा झटका
रोहित को इस महीने के अंत में राजकोट और अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के खिलाफ होने वाले वनडे और बहुदिवसीय मुकाबलों के लिए भारत की टीम में शामिल किया गया था। लेकिन दस्तावेजों में उम्र संबंधी विसंगतियां सामने आने के बाद उनका चयन अब विवादों में आ गया है।
सीएबी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले ही रोहित को अपनी जूनियर टीमों से बाहर कर दिया था। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी बीसीसीआई को दी गई। बोर्ड की कार्रवाई के बाद अब रोहित अगले दो साल तक घरेलू क्रिकेट भी नहीं खेल सकेंगे।
62 खिलाड़ियों पर भी कार्रवाई
उम्र और दस्तावेजों में गड़बड़ी को लेकर बंगाल क्रिकेट संघ ने व्यापक जांच की है। रोहित उन 62 खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्हें दस्तावेजों एवं उम्र संबंधी विसंगतियों के चलते 2026-27 और 2027-28 सत्र में किसी भी टूर्नामेंट के लिए पंजीकरण अथवा स्थानांतरण के लिहाज से अयोग्य घोषित किया गया है।
इस सूची में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के पूर्व सदस्य रवि कुमार और बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर विशाल भट्टी के नाम भी शामिल बताए गए हैं। रवि कुमार 2022 की भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के महत्वपूर्ण सदस्य रहे थे। सीएबी के रिकॉर्ड में उनकी उम्र को लेकर भी 45 महीने का अंतर पाए जाने की बात सामने आई है।
दस्तावेजों की जांच से खुल रही परतें
सीएबी ने आयु वर्ग की क्रिकेट में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों के जन्म प्रमाणपत्र, आधार सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की। जांच में कई खिलाड़ियों के रिकॉर्ड में वर्षों तक की विसंगतियां चिन्हित की गई हैं।
बीसीसीआई का यह कदम आयु संबंधी नियमों के उल्लंघन पर सख्ती का संकेत माना जा रहा है। रोहित यादव जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी का अंडर-19 स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद दो साल के लिए प्रतिबंधित होना इस बात को रेखांकित करता है कि जूनियर क्रिकेट में उम्र और दस्तावेजों की सही जानकारी कितनी महत्वपूर्ण है।
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